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EPFO decision for 2025-26, 8.25% interest rate on EPF retained
नई दिल्ली। Employees' Provident Fund Organisation (ईपीएफओ) ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) जमा पर 8.25 प्रतिशत ब्याज दर बरकरार रखने का निर्णय लिया है। यह लगातार तीसरा वर्ष है जब ब्याज दर को इसी स्तर पर रखा गया है।
केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री Mansukh Mandaviya की अध्यक्षता में सोमवार को केंद्रीय न्यासी बोर्ड (सीबीटी) की बैठक में यह सिफारिश की गई। अब इस प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी के लिए वित्त मंत्रालय के पास भेजा जाएगा। अधिसूचना जारी होने के बाद ईपीएफओ अंशधारकों के खातों में ब्याज जमा करेगा।
पिछले वर्षों की तुलना
ईपीएफओ ने 2023-24 के लिए ब्याज दर बढ़ाकर 8.25 प्रतिशत की थी, जो 2022-23 में 8.15 प्रतिशत थी। वहीं 2024-25 में भी इसे 8.25 प्रतिशत पर बरकरार रखा गया था। मंत्रालय के अनुसार, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद संगठन ने मजबूत वित्तीय अनुशासन बनाए रखा है।
एकमुश्त माफी योजना को मंजूरी
सीबीटी ने आयकर विभाग से मान्यता प्राप्त ऐसे ट्रस्टों के लिए एकमुश्त माफी योजना को मंजूरी दी है, जो अभी तक कर्मचारी भविष्य निधि एवं विविध प्रावधान अधिनियम, 1952 के तहत कवर नहीं हैं या जिन्हें छूट नहीं मिली है। प्रस्तावित छह माह की योजना का उद्देश्य प्रतिष्ठानों को अनुपालन के दायरे में लाना और श्रमिकों के हितों की रक्षा करना है।
इस योजना के तहत कुछ शर्तों के साथ पिछली तिथि से छूट की अनुमति भी दी जाएगी। इससे 100 से अधिक लंबित मुकदमों के निपटारे और हजारों सदस्यों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
नई सामाजिक सुरक्षा योजनाएं
सीबीटी ने सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 के तहत नई योजनाओं को अधिसूचित करने की मंजूरी दी है। नई स्वीकृत ईपीएफ योजना 2026, ईपीएस 2026 और ईडीएलआई योजना 2026 मौजूदा योजनाओं का स्थान लेंगी। इससे भविष्य निधि, पेंशन और बीमा लाभों को मजबूत कानूनी आधार मिलेगा।
निष्क्रिय खातों के लिए पायलट परियोजना
बोर्ड ने 1,000 रुपये या उससे कम राशि वाले निष्क्रिय खातों के स्वतः दावा निपटान के लिए पायलट परियोजना को मंजूरी दी है। इसकी सफलता के बाद इसे अधिक राशि वाले खातों तक विस्तारित किया जाएगा।
कोष प्रबंधन में सुधार
मार्च 2025 तक 28.34 लाख करोड़ रुपये से अधिक के एकीकृत कोष के मद्देनजर, बोर्ड ने कोष प्रबंधन को सुदृढ़ करने के लिए व्यापक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) को मंजूरी दी है। इसमें कोष समेकन, वार्षिक एसआईपी पद्धति, स्पष्ट निवेश प्रोटोकॉल, जोखिम प्रबंधन और निवेश निगरानी प्रकोष्ठ (आईएमसी) की भूमिका को मजबूत करने का प्रावधान है।
भर्ती और उच्च पेंशन पर अपडेट
सीबीटी ने सीधी भर्ती और पदोन्नति परीक्षाओं के संचालन के लिए Institute of Banking Personnel Selection (आईबीपीएस) को एजेंसी के रूप में अनुमोदित किया है।
उच्च पेंशन के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद कुल 17.49 लाख आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से 23 फरवरी 2026 तक लगभग 15.24 लाख आवेदनों का निपटारा किया जा चुका है।