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Vantara became a lifeline for wildlife, created history in one year
नई दिल्ली। वंतारा वन्यजीव संरक्षण ने अपने पहले ही साल में ऐसी मिसाल पेश की है, जिसने देश-दुनिया का ध्यान खींचा है। गुजरात के जामनगर में स्थापित यह केंद्र अनंत अंबानी की पहल है, जिसका उद्घाटन एक वर्ष पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। स्थापना के बाद से ही वंतारा ने वन्यजीवों के बचाव, उपचार और पुनर्वास के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम किया है।
50 से ज्यादा मिशन और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं
बीते एक साल में वंतारा ने 50 से अधिक अंतरराष्ट्रीय रेस्क्यू मिशन में भाग लिया। यहां रोजाना 2 हजार से ज्यादा सैंपल की जांच की जाती है। 11 सैटेलाइट लैब और 70 से अधिक विशेषज्ञ मिलकर अत्याधुनिक मॉलिक्यूलर डायग्नोस्टिक्स और पैथोलॉजी सुविधाएं संचालित करते हैं। जानवरों के लिए प्रतिदिन 1.56 लाख किलो उच्च गुणवत्ता वाला पौष्टिक आहार तैयार किया जाता है, जिसे 50 तापमान नियंत्रित वाहनों से पहुंचाया जाता है।
बचाव से पुनर्वास तक का व्यापक दायरा
वंतारा वन्यजीव संरक्षण के तहत 250 से अधिक हाथियों को सर्कस और कठोर परिस्थितियों से मुक्त कराया गया। हजारों मगरमच्छों और अन्य जानवरों की देखभाल की जा रही है। गुजरात में 53 चिंकारा को सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ा गया, जबकि इंडोनेशिया में सैक-नेक कछुओं के पुनर्वास की पहल भी की गई।