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Emphasis on expanding the banking network to remote rural areas, including Bastar and Surguja; CM Sai stated that banking facilities close to villages would strengthen the rural economy.
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ के दूरस्थ ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों तक बैंकिंग सेवाओं का विस्तार करने पर जोर दिया है। उन्होंने विशेष रूप से बस्तर और सरगुजा अंचल के ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग नेटवर्क मजबूत करने की आवश्यकता बताई। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों के नजदीक बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध होने से वित्तीय समावेशन को बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
मुख्यमंत्री मंगलवार को राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में एचडीएफसी बैंक के प्रतिनिधिमंडल से सौजन्य मुलाकात कर रहे थे। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को छत्तीसगढ़ में बैंक की सेवाओं के 25 वर्ष पूरे होने की जानकारी दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बैंक के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में तैयार किए गए विशेष लोगो का विमोचन किया और बैंक प्रबंधन, अधिकारियों-कर्मचारियों तथा ग्राहकों को बधाई दी।
बस्तर और सरगुजा के दूरस्थ इलाकों में बढ़े बैंकिंग सुविधाओं का दायरा
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि किसी भी प्रदेश की आर्थिक प्रगति में मजबूत और सर्वसुलभ बैंकिंग व्यवस्था की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। डिजिटल तकनीक के कारण बैंकिंग सेवाएं पहले की तुलना में अधिक आसान हुई हैं, लेकिन इन सुविधाओं का लाभ केवल बड़े शहरों और व्यापारिक केंद्रों तक सीमित नहीं रहना चाहिए।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का बड़ा हिस्सा ग्रामीण और जनजातीय बहुल है। ऐसे में बस्तर, सरगुजा सहित दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं की पहुंच बढ़ाना आवश्यक है। इससे ग्रामीण नागरिकों को आर्थिक गतिविधियों से जुड़ने के नए अवसर मिलेंगे और सरकारी योजनाओं का लाभ भी अधिक सुगमता से मिल सकेगा।
बैंक की शाखा गांव के करीब होने से बचेगा समय और संसाधन
मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव के नजदीक बैंकिंग सुविधा का लाभ केवल बैंक खाते से जुड़े लेन-देन तक सीमित नहीं है। इससे ग्रामीणों को सामान्य बैंकिंग कार्यों के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। उनका समय और संसाधन बचेंगे तथा औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था के प्रति विश्वास भी बढ़ेगा।
उन्होंने कहा कि ऋण, बीमा, डिजिटल भुगतान और अन्य वित्तीय सेवाओं तक आसान पहुंच मिलने से ग्रामीण परिवारों के आर्थिक सशक्तीकरण का रास्ता भी मजबूत होगा।
किसानों, युवाओं और छोटे कारोबारियों को मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं के विस्तार से स्थानीय अर्थव्यवस्था में नई ऊर्जा आ सकती है। किसानों को कृषि एवं संबंधित गतिविधियों के लिए वित्तीय सहायता, युवाओं को स्वरोजगार और उद्यम शुरू करने के लिए ऋण तथा छोटे व्यापारियों को कारोबार बढ़ाने के लिए पूंजी उपलब्ध हो सकती है।
उन्होंने कहा कि समय पर वित्तीय सहायता मिलने से गांवों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी तैयार होंगे।
महिला स्व-सहायता समूहों को बैंकिंग सहायता से मिलेगा संबल
मुख्यमंत्री साय ने महिला स्व-सहायता समूहों की भूमिका का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की महिलाएं स्व-सहायता समूहों के माध्यम से आजीविका गतिविधियों और छोटे उद्यमों से जुड़ रही हैं।
उन्होंने बैंकिंग संस्थाओं से इन समूहों तक ऋण, वित्तीय साक्षरता और अन्य बैंकिंग सुविधाओं की पहुंच मजबूत करने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक रूप से सशक्त महिलाएं अपने परिवार के साथ-साथ गांव की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
युवाओं की उद्यमशीलता को वित्तीय सहयोग की जरूरत
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को रोजगार के साथ-साथ स्वरोजगार और उद्यमिता के अधिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने का प्रयास कर रही है। प्रदेश के युवाओं में प्रतिभा और आगे बढ़ने की क्षमता है।
उन्होंने कहा कि युवाओं के विचारों और उद्यमशीलता को वित्तीय सहयोग से जोड़ने में बैंक महत्वपूर्ण भागीदार बन सकते हैं। छोटे और मध्यम उद्यमों को समय पर वित्तीय सहायता मिलने से रोजगार सृजन और आर्थिक गतिविधियों को गति मिल सकती है।
सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में बैंकिंग की अहम भूमिका
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं की राशि सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में पहुंच रही है। ऐसे में अंतिम व्यक्ति तक बैंकिंग सेवाओं की सहज उपलब्धता सुशासन की व्यवस्था को भी मजबूत करती है।
उन्होंने कहा कि मजबूत बैंकिंग नेटवर्क से योजनाओं का लाभ पारदर्शी, सुरक्षित और समयबद्ध तरीके से हितग्राहियों तक पहुंचाने में सहायता मिलती है।
डिजिटल बैंकिंग और वित्तीय साक्षरता पर भी जोर
मुख्यमंत्री साय ने बैंकिंग नेटवर्क के विस्तार के साथ वित्तीय साक्षरता बढ़ाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों को डिजिटल बैंकिंग, सुरक्षित लेन-देन, बचत, बीमा और वित्तीय प्रबंधन के संबंध में जागरूक करना भी जरूरी है।
उन्होंने कहा कि वित्तीय साक्षरता बढ़ने से ग्रामीण नागरिक आधुनिक बैंकिंग व्यवस्था से अधिक प्रभावी ढंग से जुड़ सकेंगे।
एचडीएफसी बैंक के छत्तीसगढ़ में 25 वर्ष पूरे
मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ में एचडीएफसी बैंक की 25 वर्षों की यात्रा को महत्वपूर्ण पड़ाव बताया। उन्होंने कहा कि यह अवसर बीते वर्षों की उपलब्धियों के साथ भविष्य के लिए नए लक्ष्य निर्धारित करने का भी है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि एचडीएफसी बैंक आने वाले समय में शहरों के साथ-साथ गांवों और विशेष रूप से बस्तर एवं सरगुजा जैसे दूरस्थ अंचलों में अपनी बैंकिंग सेवाओं का विस्तार करेगा और अधिक से अधिक परिवारों को औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ेगा।
इस अवसर पर रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा, एचडीएफसी बैंक के ग्रुप हेड अरुण मेदीरत्ता, ब्रांच बैंकिंग हेड सेंट्रल इंडिया प्रतीक शर्मा सहित बैंक के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।