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Encroachment spanning 5,000 to 10,000 square feet; major revelations in the report on the Nakti encroachment.
रायपुर। नवा रायपुर के नकटी (सम्मानपुर) गांव में अतिक्रमण को लेकर चल रहे विवाद के बीच विभागीय दस्तावेजों में कई अहम तथ्य सामने आए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, तत्कालीन भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल के दौरान तीन वर्षों में गांव में अतिक्रमण का दायरा लगभग पांच गुना तक बढ़ गया। सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक, जहां वर्ष 2021 में करीब 3 हेक्टेयर क्षेत्र में कब्जा दर्ज था, वहीं वर्ष 2023 तक यह बढ़कर लगभग 15 हेक्टेयर पहुंच गया।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि जैसे ही भूमि आवंटन और सीमांकन की प्रक्रिया की जानकारी लोगों तक पहुंची, चारागाह भूमि पर तेजी से कब्जे शुरू हो गए। आरोप है कि मुआवजे की उम्मीद में सुनियोजित तरीके से पक्के मकान बनाए गए और अतिक्रमण का दायरा लगातार बढ़ता गया। दस्तावेजों में तत्कालीन पूर्व सरपंच की मिलीभगत के भी आरोप दर्ज हैं।
सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार कुल 77 लोगों ने लगभग 15 हेक्टेयर शासकीय भूमि पर कब्जा किया। इनमें कई लोगों ने 5 हजार से 10 हजार वर्गफुट तक, जबकि कुछ ने 10 हजार वर्गफुट से अधिक क्षेत्र में निर्माण कर लिया था। रिपोर्ट के अनुसार कब्जों का स्वरूप कच्चे निर्माण से बदलकर पक्के मकानों में तब्दील हो गया।
पटवारी की वर्ष 2021 की रिपोर्ट के मुताबिक गांव की कुल आबादी 2,110 थी। गांव में 22.736 हेक्टेयर शासकीय भूमि और 24.175 हेक्टेयर निजी भूमि दर्ज थी, जबकि शेष जमीन चारागाह के रूप में दर्ज थी। उसी समय करीब 3 हेक्टेयर क्षेत्र में कच्चे मकान और बाड़ी के रूप में अतिक्रमण पाया गया था।
बाद की रिपोर्ट में सामने आया कि गांव में 1,000 वर्गफुट तक के 7 मकान, 1,200 वर्गफुट के 3 मकान, 5,000 से 10,000 वर्गफुट तक के 13 मकान और 10,000 वर्गफुट से अधिक क्षेत्र वाले 21 मकान बनाए गए। इससे अतिक्रमण के बड़े पैमाने पर विस्तार का दावा किया गया है।
हाउसिंग बोर्ड के दावों के अनुसार, अतिक्रमण करने वालों में 44 ऐसे परिवार शामिल हैं जिनके गांव में पहले से मकान मौजूद थे। वहीं 15 मामलों में बेटी-दामाद के नाम अन्य स्थानों पर मकान होने की बात कही गई है। रिपोर्ट के अनुसार केवल 16 परिवार ऐसे पाए गए जिनके पास कहीं भी आवास नहीं था।
सरकारी दस्तावेजों के अनुसार 1 सितंबर 2020 को गृह निर्माण मंडल ने कलेक्टर से भूमि की मांग की थी। 9 नवंबर 2020 को नायब तहसीलदार ने आपत्तियां आमंत्रित करते हुए सार्वजनिक सूचना जारी की। 4 जनवरी 2021 तक किसी विभाग ने कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई। इसके बाद 26 जून 2021 को पटवारी ने स्थल निरीक्षण रिपोर्ट सौंपी। 8 दिसंबर 2021 को गृह निर्माण मंडल ने एसडीएम को पत्र भेजा और 25 फरवरी 2022 से भूमि आवंटन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। विभाग का दावा है कि वर्ष 2023 में इसी प्रक्रिया की जानकारी सार्वजनिक होने के बाद अतिक्रमण में तेजी आई।