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Exploitation of a minor exposes major labor trafficking network; raids conducted at 10 locations across Chhattisgarh and Odisha... 5 arrested with ₹1.5 crore in cash.
महासमुंद। ओडिशा के नुआपाड़ा जिले में मजदूरों की कथित मानव तस्करी और बंधुआ मजदूरी से जुड़े बड़े नेटवर्क का पुलिस ने खुलासा करने का दावा किया है। एक नाबालिग के ईंट भट्ठे पर भेजे जाने के बाद उसके गर्भवती होने की जानकारी सामने आई, जिसके बाद जांच आगे बढ़ी और कई राज्यों तक फैले श्रमिक दलाली नेटवर्क का पता चला। संयुक्त कार्रवाई में पुलिस ने 10 ठिकानों पर दबिश देकर करीब 1.48 करोड़ रुपये नकद समेत कई अहम दस्तावेज जब्त किए हैं।
पुलिस के मुताबिक, एक नाबालिग को उसके परिवार के साथ मजदूरी के लिए उत्तर प्रदेश के ईंट भट्ठे पर भेजा गया था। बाद में महासमुंद के एक अस्पताल में उसके गर्भवती होने की जानकारी सामने आई। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।जांच के दौरान उत्तर प्रदेश में एक जेसीबी चालक पर नाबालिग के कथित शोषण का आरोप सामने आया। इसी कड़ी को आगे बढ़ाने पर पुलिस को मजदूरों को दूसरे राज्यों में भेजने वाले नेटवर्क की जानकारी मिली।
महासमुंद और ओडिशा पुलिस की संयुक्त टीम ने छत्तीसगढ़ और ओडिशा के सीमावर्ती इलाकों में एक साथ 10 ठिकानों पर दबिश दी। पुलिस के अनुसार, बेलटुकरी, खरियार रोड और आसपास के क्षेत्रों में हुई कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में नकदी और मजदूरों से जुड़े रिकॉर्ड बरामद हुए।छापेमारी में कुल 1 करोड़ 48 लाख 54 हजार 750 रुपये नकद, नोट गिनने की मशीन, बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड, स्टांप और 50 से ज्यादा मजदूर पलायन रजिस्टर जब्त किए गए हैं।
पुलिस ने इस मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें मुकेश चंद्राकर निवासी बेलटुकरी, नसीम बानो उर्फ लता सबर निवासी खरियार रोड, मनीष गुप्ता निवासी ब्राह्मणडीह, नंदकुमार मोहंती उर्फ नंदू निवासी पिथौरा और पीयूष अग्रवाल निवासी पिथौरा शामिल हैं।पुलिस के मुताबिक, श्रमिक दलाली नेटवर्क का कथित मुख्य आरोपी जगत गुप्ता फरार है। बताया गया है कि वह पहले भी गिरफ्तार हो चुका है और गरीब परिवारों को ईंट भट्ठों में काम दिलाने के नाम पर अग्रिम रकम देकर उन्हें अपने नेटवर्क से जोड़ता था।
महासमुंद पुलिस का दावा है कि यह नेटवर्क छत्तीसगढ़ और ओडिशा के सीमावर्ती ग्रामीण इलाकों से हर साल हजारों लोगों को उत्तर प्रदेश समेत दूसरे राज्यों में स्थित गैर-पंजीकृत ईंट भट्ठों पर मजदूरी के लिए भेजता था।पुलिस के अनुसार, जब्त किए गए रजिस्टरों में मजदूरों को बाहर भेजने और उनके लेनदेन से संबंधित बड़ी संख्या में एंट्री मिली हैं। शुरुआती जांच में नेटवर्क के एक-एक सदस्य द्वारा 2 से 5 हजार तक मजदूरों को बाहर भेजे जाने की जानकारी सामने आने की बात कही गई है।
पुलिस अब इस नेटवर्क के दूसरे राज्यों से जुड़े संपर्कों की भी पड़ताल कर रही है। उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, जम्मू-कश्मीर और गुजरात के अलावा दिल्ली से जुड़े संभावित लिंक की जांच की जा रही है।पुलिस को आशंका है कि मजदूरों को दूसरे राज्यों में भेजने की पूरी प्रक्रिया में कई अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं। इसी वजह से जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है।
खल्लारी थाने में आरोपितों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं और संगठित अपराध की धारा 111 के तहत मामला दर्ज किया गया है। अब पुलिस आरोपितों के बैंक खातों, मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है।इन रिकॉर्ड के जरिए पुलिस कथित नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की पहचान और पैसों के लेनदेन की कड़ियों को जोड़ने की कोशिश कर रही है। मामले में फरार आरोपितों की तलाश भी जारी है।