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Father performs Pind Daan for daughter after her marriage to a Muslim man and religious conversion; publicly announces the severing of ties.
जगदलपुर। बस्तर के जगदलपुर में एक परिवार से जुड़ा मामला चर्चा में है। धरमपुरा निवासी सुजान दत्ता ने अपनी जीवित बेटी सिमरन दत्ता का हिंदू रीति रिवाज के अनुसार पिंडदान किया। बताया जा रहा है कि बेटी के मुस्लिम युवक से पंजीकृत विवाह करने और मतांतरण के फैसले से नाराज पिता ने यह अनुष्ठान कराया। इसके बाद उन्होंने बेटी से आजीवन संबंध समाप्त करने की सार्वजनिक घोषणा भी की।
यह अनुष्ठान 20 सितंबर को सुजान दत्ता के घर पर हुआ। परिवार की ओर से ब्राह्मण को बुलाया गया और हिंदू परंपरा के अनुसार मंत्रोच्चार के बीच पिंडदान की प्रक्रिया पूरी की गई। इस दौरान सुजान दत्ता ने अपना सिर भी मुंडवाया।परिवार के मुताबिक, बेटी के विवाह और मतांतरण के फैसले से सुजान दत्ता काफी आहत थे। उनका कहना है कि उन्होंने बेटी को समझाने का प्रयास किया था, लेकिन उसने परिवार की इच्छा के विपरीत विवाह करने का फैसला लिया।
बेटी के फैसले के बाद सुजान दत्ता ने उससे सभी पारिवारिक संबंध समाप्त करने का निर्णय लिया। पिंडदान को इसी निर्णय से जोड़कर देखा जा रहा है। परिवार और समाज से जुड़े लोगों के मुताबिक, यह कदम उनकी नाराजगी और बेटी के फैसले को स्वीकार नहीं करने की भावना को दर्शाता है।
निखिल भारत बंगाली समन्वय समिति समाज के बस्तर संभाग अध्यक्ष जीवानंद हालदार ने सुजान दत्ता के कदम को संस्कृति और परंपरा से जोड़ते हुए इसे सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि परिवारों को बच्चों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों और परंपराओं के महत्व की जानकारी देनी चाहिए।हालदार के मुताबिक, समाज में अंतरधार्मिक विवाह और मतांतरण को लेकर चिंता का माहौल है। उन्होंने इसे सांस्कृतिक पहचान से जुड़े मुद्दे के तौर पर भी बताया।
परिवार और समाज की ओर से इस विवाह को 'लव जिहाद' से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इस मामले में विवाह और मतांतरण से जुड़े तथ्य तथा 'लव जिहाद' संबंधी दावे को अलग अलग देखना जरूरी है।