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First steps into the stock market at the age of 11... six decades later, the announcement of stepping down from a ₹107 lakh crore company.
वॉशिंगटन। दुनिया के चर्चित निवेशक वॉरेन बफे ने बर्कशायर हैथवे के चेयरमैन पद से हटने का फैसला किया है। 96 साल की उम्र में उन्होंने कंपनी की कमान अगली पीढ़ी को सौंपने की तैयारी की है। हालांकि वे बोर्ड में डायरेक्टर के तौर पर बने रहेंगे और उन्हें चेयरमैन एमेरिटस की भूमिका दी जाएगी।बफे ने शेयरधारकों को लिखी चिट्ठी में अपने लंबे सफर, कंपनी के भविष्य और नए नेतृत्व को लेकर भरोसा जताया। उन्होंने लिखा कि 61 साल तक बर्कशायर के साथ काम करने के बाद भी उन्हें लगता है कि उनके पास दुनिया का सबसे बेहतरीन काम है।
वॉरेन बफे ने महज 11 साल की उम्र में शेयर बाजार में निवेश की शुरुआत की थी। उन्होंने करीब 375 रुपए की रकम में तीन शेयर खरीदे थे। कम उम्र में शुरू हुआ यह निवेश आगे चलकर दुनिया के सबसे चर्चित निवेश करियर में बदल गया।बफे ने 1965 में 34 साल की उम्र में घाटे में चल रही कपड़ा कंपनी बर्कशायर हैथवे की कमान संभाली थी। इसके बाद उन्होंने कंपनी के कारोबार और निवेश रणनीति को पूरी तरह बदल दिया।
बफे के नेतृत्व में छह दशकों के दौरान बर्कशायर हैथवे ने कई क्षेत्रों में निवेश और कारोबार का विस्तार किया। कंपनी का बाजार पूंजीकरण करीब 107 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया।कंपनी के पास करीब 35 लाख करोड़ रुपए का नकद भंडार भी बताया गया है। बफे पिछले साल ही कंपनी के सीईओ पद से हट चुके थे। अब चेयरमैन की जिम्मेदारी से भी अलग होने का फैसला किया गया है।
बफे ने अपने पत्र में कंपनी के सीईओ ग्रेग एबेल की भूमिका की विशेष तौर पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि एबेल ने उनकी उम्मीदों से बेहतर प्रदर्शन किया है और कंपनी के महत्वपूर्ण फैसलों की जिम्मेदारी अब वही संभाल रहे हैं।बफे के अनुसार नेतृत्व परिवर्तन के लिए यह उचित समय है। उनके बेटे हॉवर्ड बफे को कंपनी का नया चेयरमैन बनाया गया है, जबकि ग्रेग एबेल सीईओ की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
बफे ने अपने पत्र में बर्कशायर के शेयरधारकों को कंपनी के सफर का अहम हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि शुरुआत से ही उन्होंने और उनके लंबे समय तक सहयोगी रहे चार्ली मंगर ने ऐसे शेयरधारकों को महत्व दिया, जो तिमाही नतीजों के बजाय कई दशकों के नजरिए से कंपनी को देखते हैं।उन्होंने अपने 96वें जन्मदिन का भी जिक्र किया और बताया कि परिवार तथा करीबी दोस्तों के साथ इस मौके को मनाया। बफे ने कहा कि उन्हें भविष्य को लेकर पहले से ज्यादा भरोसा और सुकून महसूस हो रहा है।
11 साल की उम्र में कुछ सौ रुपए से शुरू हुआ निवेश का सफर बफे को दुनिया के सबसे प्रभावशाली निवेशकों में शामिल करने तक पहुंचा। 1965 से बर्कशायर हैथवे के साथ जुड़े बफे ने करीब 61 वर्षों तक कंपनी का नेतृत्व किया।अब कंपनी के रोजमर्रा के नेतृत्व की जिम्मेदारी नई टीम के हाथों में है, जबकि बफे बोर्ड में अपनी भूमिका जारी रखेंगे। उनके नेतृत्व का अगला अध्याय भले समाप्त हो रहा हो, लेकिन बर्कशायर की रणनीति और निवेश संस्कृति पर उनकी छाप लंबे समय तक बनी रहने की संभावना है।