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Google Maps shortcut spells trouble for cannabis smugglers.
बतौली/सरगुजा : पुलिस की नाकेबंदी से बचने के लिए शॉर्टकट तलाशना गांजा तस्करों को भारी पड़ गया। सरगुजा के बतौली क्षेत्र में पुलिस से बचकर भाग रहे तस्करों ने गूगल मैप के सहारे स्कॉर्पियो-एन को एक कच्चे और संकरे रास्ते पर मोड़ दिया। बरगीडीह की इस गली में आगे मवेशी बंधे होने से रास्ता बंद मिला। इसके बाद आरोपी वाहन छोड़कर खेतों की तरफ भाग निकले, लेकिन पुलिस और ग्रामीणों ने पीछा कर दोनों को गन्ने के खेत से पकड़ लिया।पुलिस ने स्कॉर्पियो से 138 किलो गांजा बरामद किया है। इसकी अनुमानित कीमत करीब 80 लाख रुपये बताई गई है। तस्करी में इस्तेमाल नई स्कॉर्पियो की कीमत करीब 28 लाख रुपये आंकी गई है।
नाकेबंदी देखकर एस्कॉर्ट वाहन ने किया अलर्ट
बतौली पुलिस को सुबह बगीचा पुलिस से गांजा तस्करी की सूचना मिली थी। इसके बाद बगीचा चौक पर ट्रक खड़ा कर नाकेबंदी की गई। इसी दौरान तस्करों के साथ चल रही ब्लैक थार के चालक ने पुलिस की चेकिंग देख पीछे आ रही स्कॉर्पियो को सतर्क कर दिया।पुलिस के अनुसार थार चालक कच्चे रास्ते से निकल गया और तेज रफ्तार से बतौली की ओर बढ़ गया। उसने करीब 35 किलोमीटर की दूरी लगभग 12 मिनट में तय की। दूसरी ओर स्कॉर्पियो बरगीडीह की तरफ मुड़ गई और यहीं से तस्करों की मुश्किल शुरू हो गई।
गूगल मैप के रास्ते पर फंसी स्कॉर्पियो
पुलिस से बचने के लिए स्कॉर्पियो चालक ने मुख्य सड़क छोड़कर गूगल मैप के जरिए छोटा रास्ता चुना। वह बरगीडीह की एक पतली गली में पहुंच गया। आगे मवेशी बंधे होने के कारण वाहन आगे नहीं जा सका।स्थिति बिगड़ते देख दोनों आरोपी स्कॉर्पियो से उतरकर खेतों की ओर भागे। पुलिस टीम ने ग्रामीणों की मदद से उनका पीछा किया और गन्ने के खेत से दोनों को पकड़ लिया।
ओडिशा से गांजा लेकर गाजियाबाद जा रहे थे
पुलिस की पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद निवासी बलवीर सिंह और अजय गोयल के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार दोनों ने बताया कि वे ओडिशा से गांजा लेकर गाजियाबाद जा रहे थे।उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस पूरे नेटवर्क का मुख्य आरोपी अमन सिंह फिलहाल फरार बताया जा रहा है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
गाड़ी में राशन और निगरानी के लिए कैमरे-जीपीएस
तस्करों ने लंबी दूरी की यात्रा के लिए स्कॉर्पियो में खाने-पीने का सामान भी रखा था। पूछताछ में उन्होंने बताया कि रास्ते में ढाबों पर रुकने से बचने के लिए गाड़ी में कोल्ड ड्रिंक और स्नैक्स रखे गए थे।स्कॉर्पियो में आगे और पीछे कैमरे के साथ जीपीएस सिस्टम भी लगा था। पुलिस के मुताबिक गाजियाबाद में बैठा गिरोह का सरगना जीपीएस के जरिए वाहन की लाइव लोकेशन पर नजर रख रहा था। इस व्यवस्था का उद्देश्य रास्ते में पुलिस की कार्रवाई या अन्य खतरे की जानकारी पहले हासिल करना था।
पहली बार तस्करी का दावा, सात-सात हजार मिलने थे
पुलिस पूछताछ में दोनों आरोपियों ने दावा किया कि वे पहली बार गांजा तस्करी में शामिल हुए थे। इसके बदले उन्हें सात-सात हजार रुपये मिलने थे। हालांकि पुलिस अब उनके दावे की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग जुड़े हैं।138 किलो गांजा, करीब 28 लाख की स्कॉर्पियो और फरार मुख्य आरोपी की तलाश के साथ पुलिस अब पूरे अंतरराज्यीय नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।