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CG News: Government employees' membership rules put on hold, Deputy CM Sao responds to Congress jibe
रायपुर। छत्तीसगढ़ में शासकीय सेवकों की राजनीतिक गतिविधियों को लेकर जारी आदेश पर सरकार के यू-टर्न के बाद सियासत तेज हो गई है। विपक्षी कांग्रेस ने सरकार पर तीखा हमला बोला है, जबकि भाजपा ने आरोपों को खारिज करते हुए नियमों के पालन की बात कही है।
आदेश पर यू-टर्न, सियासी घमासान शुरू
सामान्य प्रशासन विभाग के ताजा आदेश के बाद यह मुद्दा गरमा गया है कि क्या अब शासकीय कर्मचारी राजनीतिक या सामाजिक संगठनों में सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं। आदेश को लेकर स्पष्टता न होने से विपक्ष ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है।
कांग्रेस का आरोप: “आरएसएस चला रही सरकार”
कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार को साफ करना चाहिए कि क्या कर्मचारियों को राजनीतिक दलों की सदस्यता या पदाधिकारी बनने की छूट दी जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह आदेश राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े गतिविधियों में कर्मचारियों की भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए लाया गया है। उनके मुताबिक, इससे यह संकेत मिलता है कि सरकार परोक्ष रूप से RSS के प्रभाव में काम कर रही है।
डिप्टी सीएम अरुण साव का जवाब
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि शासकीय कर्मचारी हमेशा सेवा नियमों से बंधे होते हैं और उन्हें उसी के अनुरूप आचरण करना होता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि RSS कोई राजनीतिक दल नहीं है और कांग्रेस को इस तथ्य को समझना चाहिए।
अमित जोगी मामले पर प्रतिक्रिया
अमित जोगी को सुप्रीम कोर्ट से मिली अंतरिम राहत पर अरुण साव ने कहा कि न्यायालय स्वतंत्र है और किसी के प्रभाव में काम नहीं करता। उन्होंने कहा कि अंतिम फैसला अभी आना बाकी है और निर्णय विधि के अनुसार ही होगा।
बंगाल चुनाव पर बयान
पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर साव ने कहा कि वहां बदलाव तय है। उन्होंने दावा किया कि ममता बनर्जी की सरकार जाने वाली है और राज्य में सुशासन आएगा।
धान खरीदी में नुकसान पर सरकार का पक्ष
धान खरीदी में 900 करोड़ रुपए के कथित नुकसान पर डिप्टी सीएम ने कहा कि सरकार इस दिशा में गंभीरता से काम कर रही है। नुकसान रोकने के लिए उपसमिति स्तर पर समीक्षा की जा रही है।
ओबीसी मुद्दे पर कांग्रेस पर निशाना
राहुल गांधी की ओबीसी एडवाइजरी काउंसिल बैठक पर प्रतिक्रिया देते हुए साव ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा ओबीसी वर्ग की उपेक्षा की है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने ऐतिहासिक रूप से ओबीसी हितों से जुड़े महत्वपूर्ण फैसलों का विरोध किया।