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Governor Ramen Deka takes a tough stance on vacant posts... issues direct instructions to registrars... major action to follow, covering everything from appointments to the examination system.
रायपुर। छत्तीसगढ़ के सरकारी विश्वविद्यालयों में लंबे समय से खाली चल रहे पदों को लेकर राज्यपाल एवं कुलाधिपति रमेन डेका ने सख्त रुख अपनाया है। मंगलवार को लोकभवन में सरकारी विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों के साथ बैठक में उन्होंने रिक्त पदों को जल्द भरने के निर्देश दिए। निजी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में भी परिनियम 28 के तहत खाली पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ाने को कहा गया है।विश्वविद्यालयों में बड़ी संख्या में पद खाली होने का मुद्दा सामने आने के बाद राज्यपाल की यह बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे पहले विश्वविद्यालयों में हजारों शैक्षणिक पदों के रिक्त होने को लेकर सवाल उठते रहे हैं।
राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों में होने वाली नियुक्तियों को लेकर भी स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योग्य और प्रतिभाशाली स्थानीय अभ्यर्थियों को अवसर देने पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।उनका जोर ऐसी नियुक्ति प्रक्रिया पर रहा जिसमें योग्यता के साथ स्थानीय प्रतिभाओं को भी आगे बढ़ने का मौका मिले। विश्वविद्यालयों से इस दिशा में पारदर्शी और प्रभावी प्रक्रिया अपनाने को कहा गया।
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में सामने आए पर्चा लीक प्रकरण को देखते हुए राज्यपाल ने परीक्षा व्यवस्था को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर परीक्षा केंद्र तक पहुंचने और वितरण की पूरी प्रक्रिया में ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए जिससे किसी भी स्तर पर गोपनीयता भंग न हो।राज्यपाल ने परीक्षा नियंत्रकों की आधिकारिक नियुक्ति सुनिश्चित करने और परीक्षा संचालन से जुड़ी जिम्मेदारियों को स्पष्ट रूप से तय करने पर भी जोर दिया।
बैठक में विश्वविद्यालयों की शैक्षणिक गुणवत्ता और राष्ट्रीय स्तर पर उनकी स्थिति की भी समीक्षा की गई। राज्यपाल ने NAAC और NIRF रैंकिंग से संबंधित प्रदर्शन पर चर्चा करते हुए प्रत्येक विश्वविद्यालय को अपनी रैंकिंग बेहतर करने के लिए ठोस रोडमैप तैयार करने को कहा।इसके साथ ही विश्वविद्यालयों में इंटरनल ऑडिट कराने के निर्देश दिए गए, ताकि प्रशासनिक और वित्तीय व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा हो सके।
राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों को केवल परिसर तक सीमित नहीं रहने की सलाह दी। उन्होंने आसपास के गांवों को गोद लेकर वहां नवाचार और स्टार्टअप से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।इसके साथ ही विश्वविद्यालयों में उपलब्ध सीटों की तुलना में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने और उच्च शिक्षा की पहुंच का दायरा विस्तार देने पर भी जोर दिया गया।
विश्वविद्यालयों में लंबे समय से बड़ी संख्या में शैक्षणिक और अन्य पद रिक्त होने का मुद्दा चर्चा में रहा है। ऐसे में राज्यपाल की ओर से कुलसचिवों को दिए गए निर्देशों के बाद नियुक्ति प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है।बैठक में राज्यपाल के सचिव डॉ. सीआर प्रसन्ना, कृषि उत्पादन आयुक्त एवं कृषि विभाग के सचिव डॉ. सिद्धार्थ कोमल परदेशी समेत संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।