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Guest teachers attempt to lay siege to the Legislative Assembly; police stop them.
रायपुर/दुर्ग। राज्य अतिथि शिक्षक विद्या मितान संघ, छत्तीसगढ़ के नेतृत्व में चल रही अनिश्चितकालीन हड़ताल रविवार को 13वें दिन भी जारी रही। प्रदेशभर से पहुंचे हजारों अतिथि शिक्षकों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर दुर्ग स्थित धरना स्थल से विधानसभा घेराव के लिए पैदल मार्च निकाला। हालांकि, पुलिस प्रशासन ने भारी पुलिस बल और बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रास्ते में ही रोक दिया।

मार्च के दौरान आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे शिक्षकों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की तथा हल्की झूमा-झटकी की स्थिति भी बनी। इसके बावजूद आंदोलनरत शिक्षकों ने शांतिपूर्ण और अनुशासित ढंग से अपना विरोध जारी रखा।
संघ का कहना है कि प्रदेश के विद्या मितान अतिथि शिक्षक पिछले करीब 11 वर्षों से शासकीय विद्यालयों में गणित, विज्ञान, भौतिकी, रसायन विज्ञान, अंग्रेजी सहित विभिन्न विषयों का अध्यापन कर रहे हैं। बस्तर और सरगुजा जैसे दूरस्थ एवं आदिवासी क्षेत्रों में भी उन्होंने संसाधनों की कमी के बावजूद शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

संघ ने आरोप लगाया कि इतने लंबे समय तक सेवाएं देने और विषय विशेषज्ञ होने के बावजूद आज तक अतिथि शिक्षकों का नियमितीकरण नहीं किया गया। शासन के समक्ष कई बार मांगें रखने के बाद भी कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, जिससे हजारों शिक्षकों और उनके परिवारों में निराशा का माहौल है।
संघ के अनुसार, 1 जुलाई 2026 से जारी अनिश्चितकालीन हड़ताल के कारण प्रदेश के कई शासकीय विद्यालयों में पढ़ाई प्रभावित हो रही है। विशेष रूप से उन स्कूलों में जहां विषय विशेषज्ञ अतिथि शिक्षक ही संबंधित विषयों का अध्यापन कर रहे थे, वहां विद्यार्थियों की पढ़ाई पर सीधा असर पड़ा है। संघ का कहना है कि इसका स्थायी समाधान सरकार द्वारा जल्द सकारात्मक निर्णय लेने से ही संभव है।

आंदोलनकारी शिक्षकों ने सरकार से नियमितीकरण, समान काम के लिए समान वेतन और सेवा सुरक्षा की मांगों पर संवेदनशीलता के साथ शीघ्र निर्णय लेने की अपील की है। उनका कहना है कि इससे न केवल हजारों शिक्षकों का भविष्य सुरक्षित होगा, बल्कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था भी सुचारु रूप से संचालित हो सकेगी।