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Heartfelt tribute paid to Dr. Teejan Bai on the first day of the Assembly's monsoon session; CM Sai hailed her as an invaluable gem of folk culture.
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन की शुरुआत पंडवानी की महान लोकगायिका डॉ. तीजन बाई को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई। मुख्यमंत्री डॉ. विष्णुदेव साय, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत, संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत सत्ता और विपक्ष के वरिष्ठ विधायकों ने उनके योगदान को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। श्रद्धांजलि के बाद सदन की कार्यवाही पांच मिनट के लिए स्थगित कर दी गई।
मुख्यमंत्री डॉ. विष्णुदेव साय ने कहा कि डॉ. तीजन बाई ने पंडवानी गायन की कापालिक शैली को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया और अपनी अद्वितीय प्रतिभा से छत्तीसगढ़ की लोककला को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाई। उन्होंने कहा कि, उनके गायन और अभिनय का अद्भुत समन्वय, पात्रों का जीवंत चित्रण और ओजपूर्ण प्रस्तुति श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर देती थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका जीवन संघर्ष, साधना और समर्पण की मिसाल है। ऐसे समय में, जब महिलाओं की पंडवानी गायन में भागीदारी बेहद सीमित थी, उन्होंने सामाजिक रूढ़ियों को चुनौती देकर अपनी अलग पहचान बनाई और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनीं। उन्होंने कहा कि डॉ. तीजन बाई के निधन से छत्तीसगढ़ ने अपनी लोकसंस्कृति का एक अनमोल रत्न खो दिया है।
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने कहा कि विधानसभा के इतिहास में यह पहला अवसर है, जब किसी पद्म सम्मान से सम्मानित विभूति पर इस तरह चर्चा की जा रही है। उन्होंने कहा कि डॉ. तीजन बाई का निधन पूरे प्रदेश के लिए अपूरणीय क्षति है और उन्होंने अपने विधायक दल की ओर से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि डॉ. तीजन बाई ने अपनी कला से छत्तीसगढ़ का गौरव विश्व पटल पर स्थापित किया। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि सीमित संसाधनों और शिक्षा के अभाव वाले परिवार से निकलकर उन्होंने अपनी प्रतिभा के दम पर देश और दुनिया में छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया। उनका जीवन संघर्ष और कर्म सभी के लिए प्रेरणादायक रहेगा।
संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद डॉ. तीजन बाई ने पंडवानी गायन के माध्यम से अपनी विशिष्ट पहचान बनाई और छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित किया। उनके निधन से लोककला जगत को बड़ी क्षति हुई है।
इस दौरान मंत्री गजेंद्र यादव सहित विधायक किरण सिंह देव, अनुज शर्मा, अनिला भेड़िया, कुँवर सिंह निषाद और भईयालाल कोरसेवाड़ा ने भी डॉ. तीजन बाई के योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। श्रद्धांजलि के उपरांत विधानसभा की कार्यवाही पांच मिनट के लिए स्थगित कर दी गई।