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High Court hears plea to quash Neha Pachisia's FIR; prosecution makes major claim regarding Kshitij.
बिलासपुर। हाईकोर्ट में आज बुधवार को पूर्व CSP नेहा पच्चीसिया की FIR रद्द करने की याचिका पर सुनवाई हुई। जस्टिस हिमांशु जोशी की सिंगल बेंच में हुई सुनवाई के दौरान नेहा की ओर से अधिवक्ता ने आरोपों और जांच में उनकी भूमिका को लेकर सवाल उठाए। वहीं अभियोजन पक्ष ने याचिका का विरोध करते हुए जांच में सामने आए कई तथ्यों का हवाला दिया।
सुनवाई के दौरान नेहा पच्चीसिया की ओर से पेश अधिवक्ता ने कहा कि मामले में उनकी भूमिका साबित करने के लिए कोई ठोस साक्ष्य नहीं है। बचाव पक्ष ने आरोप लगाया कि पूर्व CSP को मामले में झूठा फंसाया गया है।
अभियोजन पक्ष ने इन दलीलों का विरोध किया। सरकार की ओर से कहा गया कि नेहा पर जेल में बंद हत्या के आरोपी को लाभ पहुंचाने का आरोप है। आरोप है कि चालान पेश करने में देरी कर आरोपी को फायदा पहुंचाने की कोशिश की गई। अभियोजन ने यह भी दावा किया कि आरोपी के परिजनों को धमकाकर जमीन हड़पने की कोशिश से जुड़े आरोप भी जांच का हिस्सा हैं।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने क्षितिज ताज बारापात्रे को लेकर महत्वपूर्ण दावा किया। सरकारी पक्ष के मुताबिक, जांच में सामने आया है कि क्षितिज नेहा के ही घर में रहता था। अभियोजन ने क्षितिज को नेहा का पति बताया। जांच के दौरान कुछ पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज किए जाने की बात भी कोर्ट के सामने रखी गई। इन बयानों में क्षितिज को नेहा का पति बताया गया है।
अभियोजन के अनुसार, नेहा के मातहत काम करने वाले कांस्टेबल मोटू को घर का सामान लाने के लिए भेजा जाता था और सामान की पेमेंट क्षितिज करता था। हालांकि, ये सभी बातें फिलहाल अभियोजन के दावे और जांच में दर्ज बयानों के रूप में सामने आई हैं।
अभियोजन का यह दावा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि जिला कोर्ट में नेहा और क्षितिज का रुख अलग था। दोनों ने अपने-अपने अग्रिम जमानत आवेदनों में एक-दूसरे को पहचानने से इनकार किया था।
नेहा ने अपनी जमानत याचिका में टूटी शादी और अपनी दो बच्चियों के पालन-पोषण का हवाला दिया था। वहीं अभियोजन पक्ष ने दोनों के बीच संबंध होने का दावा किया था। अब FIR रद्द करने की याचिका पर हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान अभियोजन ने जांच के आधार पर दोनों के एक ही घर में रहने की बात कही है।
जानकारी के मुताबिक, साल 2019 में नेहा की शादी इंजीनियर कुणाल जोशी से हुई थी। दोनों की दो जुड़वा बेटियां हैं। हालांकि, शादी ज्यादा समय तक नहीं चली। साल 2022 में नेहा ने अपने पति पर मारपीट का आरोप लगाते हुए FIR दर्ज कराई थी। उस समय वह पति से अलग चार इमली इलाके में रह रही थीं।
शिकायत के मुताबिक, बंगले पर आने को लेकर विवाद हुआ था। इसी दौरान पति पर नेहा के साथ मारपीट और धक्का देने का आरोप लगा। महिला अधिकारी की शिकायत पर पुलिस ने मारपीट और धमकी देने का मामला दर्ज किया था। इसके बाद नेहा ने पति और सास के खिलाफ घरेलू हिंसा का मामला भी दर्ज कराया था। जिला कोर्ट में दी गई जानकारी के मुताबिक, बाद में उनकी शादी रद्द हो चुकी है।
पूरा मामला कटनी के एक जमीन सौदे से जुड़ी FIR के बाद सामने आया। आरोप है कि हत्या के मामले में जेल में बंद आरोपी को लाभ पहुंचाने के लिए चालान पेश करने में देरी की गई।
इसके बाद आरोपी के परिजनों को कथित रूप से धमकाकर जमीन हड़पने की कोशिश के आरोप सामने आए। जांच में क्षितिज पर जमीन खरीदने के लिए मरूफ अहमद हनफी को रकम उपलब्ध कराने का आरोप भी सामने आने की बात कही गई है।
नेहा की ओर से इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा गया है कि क्षितिज और उनके बीच कोई संबंध नहीं है। जिला कोर्ट पहले ही नेहा और क्षितिज की अग्रिम जमानत याचिकाएं खारिज कर चुका है। इसके बाद नेहा ने FIR रद्द कराने के लिए हाईकोर्ट का रुख किया है।
सुनवाई के दौरान कटनी के अधिवक्ता अवनीश तिवारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े। उन्होंने खुद को शिकायतकर्ता की ओर से अधिवक्ता बताया। अवनीश तिवारी ने कोर्ट को बताया कि उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। उन्होंने दावा किया कि सितंबर के आसपास उनके ऊपर ट्रक चढ़ाने की कोशिश भी हुई थी।
उन्होंने नेहा के फरार रहने के दौरान अपनी सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई। हालांकि, कोर्ट में उस समय उनका वकालतनामा पेश नहीं था। इस पर कोर्ट ने पहले वकालतनामा पेश करने को कहा और उसके बाद ही उनका पक्ष सुनने की बात कही।
नेहा की ओर से हाईकोर्ट में अंतरिम राहत की मांग भी की गई। उनके अधिवक्ता ने कहा कि FIR रद्द करने की याचिका पर अंतिम सुनवाई होने तक उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाए। अभियोजन पक्ष ने अंतरिम राहत का विरोध किया। सरकारी पक्ष ने कहा कि जांच रिपोर्ट में आरोपों की पुष्टि होती है। अभियोजन के मुताबिक, FIR दर्ज होने के बाद से नेहा फरार हैं और उनके खिलाफ लुक आउट सर्कुलर भी जारी किया गया है। इसी आधार पर सरकार ने अंतरिम राहत नहीं देने की मांग की।
बुधवार की सुनवाई के बाद कोर्ट ने तत्काल आदेश जारी नहीं किया। अब कोर्ट के आदेश से स्पष्ट होगा कि नेहा पच्चीसिया को अंतरिम राहत मिलती है या नहीं। साथ ही, FIR रद्द करने की उनकी मांग पर आगे की कानूनी प्रक्रिया की दिशा भी कोर्ट के आदेश के बाद स्पष्ट होगी।