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Historic decision of the US Supreme Court: Trump's tariff policy is illegal
वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लागू की गई टैरिफ (आयात शुल्क) नीति को अवैध घोषित कर दिया है आज 20 फरवरी 2026 को आए इस फैसले में अदालत ने स्पष्ट कहा कि राष्ट्रपति ने आपातकालीन आर्थिक शक्तियों के तहत जो व्यापक आयात शुल्क लगाए थे, वे उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर थे।
टैरिफ नीति के तहत ट्रंप प्रशासन ने विदेशों से अमेरिका में आने वाले सामान पर अतिरिक्त आयात शुल्क लगा दिया था इसका उद्देश्य अमेरिकी उद्योगों को संरक्षण देना और घरेलू उत्पादों की मांग बढ़ाना था लेकिन इस नीति का परिणाम यह हुआ कि भारत, चीन और यूरोप जैसे देशों से अमेरिका को होने वाला निर्यात प्रभावित हुआ, क्योंकि वहां विदेशी उत्पाद महंगे हो गए और उनकी प्रतिस्पर्धात्मकता कम हो गई।
सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय का असर अब केवल अमेरिका तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक व्यापार व्यवस्था पर भी पड़ेगा अमेरिका में विदेशी उत्पादों पर लगने वाला अतिरिक्त कर हटने से अंतरराष्ट्रीय व्यापार पहले की तुलना में अधिक सुगम हो सकता है। इससे वैश्विक सप्लाई चेन में सुधार आने और व्यापारिक तनाव कम होने की संभावना है।
भारत के संदर्भ में देखें तो यह फैसला एक अवसर के रूप में सामने आ सकता है भारत से अमेरिका को निर्यात किए जाने वाले उत्पाद जैसे टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल्स, इंजीनियरिंग वस्तुएं और ऑटो पार्ट्स अब अमेरिकी बाजार में अपेक्षाकृत सस्ते हो सकते हैं।
इससे भारतीय कंपनियों को अधिक ऑर्डर मिलने की संभावना बढ़ेगी, जिससे देश में उत्पादन गतिविधियों को गति मिल सकती है निर्यात में वृद्धि होने से विदेशी मुद्रा का प्रवाह बढ़ेगा और भारतीय रुपये की स्थिति भी मजबूत हो सकती है।
हालांकि, इस फैसले के साथ एक संभावित चुनौती भी जुड़ी हुई है यदि अमेरिका अन्य देशों, विशेषकर चीन, के लिए भी बाजार को समान रूप से खोल देता है, तो भारतीय उत्पादों को अधिक प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ सकता है ऐसे में भारतीय उद्योगों को गुणवत्ता और लागत दोनों के स्तर पर अपनी प्रतिस्पर्धात्मकता बनाए रखना आवश्यक होगा।
इस फैसले का असर अब वैश्विक वित्तीय बाजारों में भी देखने को मिल सकता है। व्यापारिक अनिश्चितता कम होने से निवेशकों में सकारात्मक भावना बन सकती है सोमवार को जब भारतीय शेयर बाजार खुलेंगे, तो निर्यात आधारित कंपनियों विशेषकर आईटी, फार्मा, टेक्सटाइल और ऑटो पार्ट्स सेक्टर के शेयरों में तेजी देखने को मिल सकती है।
जिन कंपनियों का अमेरिका में बड़ा व्यापार है, उनमें निवेशकों की रुचि बढ़ सकती है और सेंसेक्स तथा निफ्टी में सकारात्मक शुरुआत की संभावना बन सकती है। क्योंकि अमेरिका में व्यापार आसान होने का मतलब है भारतीय कंपनियों के लिए संभावित मुनाफे में वृद्धि।
अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट का यह निर्णय वैश्विक व्यापार व्यवस्था में संतुलन लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है भारत जैसे निर्यातक देश के लिए यह नए अवसरों के द्वार खोल सकता है साथ ही, इसका सकारात्मक प्रभाव आने वाले दिनों में भारतीय शेयर बाजार में भी देखने को मिल सकता है।
आने वाले समय में यह फैसला वैश्विक आर्थिक संबंधों को किस दिशा में ले जाएगा, यह देखने योग्य होगा, परंतु इतना निश्चित है कि इसके प्रभाव दूरगामी होंगे।
CA सुरेश कोठारी
दुर्ग छत्तीसगढ़
9425246039
20 फरवरी 2026