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ICE shootings spark anger in US, questions raised about Trump's immigration policy
नई दिल्ली। अमेरिका में इमिग्रेशन कार्रवाई को लेकर तनाव चरम पर पहुंच गया है। ICE Shooting Case के तहत मिनियापोलिस में इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) के एक अफसर ने नागरिकता जांच के दौरान एक महिला को गोली मार दी। बुधवार सुबह हुई इस घटना में 37 वर्षीय रेनी निकोल गुड की सिर में गोली लगने से मौत हो गई। घटना का वीडियो सामने आने के बाद देशभर में गुस्सा भड़क उठा है।
वीडियो सामने आने के बाद सड़कों पर उतरे लोग
वीडियो में देखा जा सकता है कि महिला अपनी कार मोड़ने की कोशिश कर रही थी, तभी ICE अफसर ने फायरिंग कर दी। घटना के तुरंत बाद सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर आए। हालात बिगड़ते देख शहर के कई स्कूल बंद कर दिए गए। मेयर जैकब फ्रे ने ICE एजेंट्स से शहर छोड़ने की अपील की है।
मृत महिला अमेरिकी नागरिक, परिवार में मातम
मिनेसोटा की सीनेटर टीना स्मिथ ने पुष्टि की कि रेनी निकोल गुड अमेरिकी नागरिक थीं। वह खुद को सोशल मीडिया पर शायर, लेखक, पत्नी और मां बताती थीं। उनके साथ उनकी महिला पार्टनर और छह साल का बच्चा भी मौजूद था। घटना के बाद उनकी पार्टनर का रोते हुए वीडियो भी सामने आया है।
ट्रम्प और प्रशासन के बयान
पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने घटना को “डरावना” बताया, लेकिन ICE अधिकारी का बचाव किया। वहीं, होमलैंड सिक्योरिटी सेक्रेटरी क्रिस्टी नोएम ने साफ कहा कि एजेंट्स कहीं नहीं जाएंगे। दूसरी ओर, गवर्नर टिम वॉल्ज ने इसे ट्रम्प प्रशासन की “क्रूर इमिग्रेशन नीति” का नतीजा बताया।
ICE पर बढ़ते आरोप, देशव्यापी प्रदर्शन की तैयारी
जनवरी 2025 के बाद से ICE Shooting Case जैसे मामलों में तेजी आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में ICE हिरासत में कम से कम 30 मौतें दर्ज की गईं, जबकि 170 से अधिक अमेरिकी नागरिकों को हिरासत में लिया गया। अब इस घटना के विरोध में कई अमेरिकी शहरों में बड़े प्रदर्शन की तैयारी चल रही है, जिससे राजनीतिक और सामाजिक तनाव और बढ़ने की आशंका है।