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IPS Ratanlal Dangi suspended: Allegations of sexual harassment and corruption in transfer-posting, woman alleges IPS Dangi used to make video calls while nude
रायपुर। छत्तीसगढ़ में वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी रतनलाल डांगी को राज्य सरकार ने सस्पेंड कर दिया है। उनके खिलाफ यौन शोषण और भ्रष्टाचार से जुड़े गंभीर आरोप सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई है। मामला सामने आने के बाद प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।
महिला के आरोपों से मचा हड़कंप
इस मामले में शिकायतकर्ता महिला का एक इंटरव्यू सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। महिला ने आरोप लगाया है कि अधिकारी उसे वीडियो कॉल पर आपत्तिजनक व्यवहार के लिए मजबूर करते थे और मना करने पर ट्रांसफर की धमकी देते थे।
महिला ने यह भी दावा किया कि अधिकारी की पत्नी भी उसे “सेवा” करने के लिए कहती थी। साथ ही, उसने ट्रांसफर-पोस्टिंग के नाम पर पैसों की लेनदेन का आरोप लगाते हुए कहा कि एक ट्रांसफर के लिए डेढ़ लाख रुपये तक लिए जाते थे।
भ्रष्टाचार के भी आरोप
शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि कई पुलिसकर्मियों से ट्रांसफर और पोस्टिंग के नाम पर रकम ली जाती थी, जो या तो उसके माध्यम से या सीधे अधिकारी तक पहुंचाई जाती थी। महिला के अनुसार, इसी तरह अवैध कमाई से करोड़ों की संपत्ति बनाई गई।
कांग्रेस ने उठाए सवाल
इस पूरे मामले में कांग्रेस नेता धनंजय ठाकुर ने सोशल मीडिया पर कथित चैट का स्क्रीनशॉट साझा कर सरकार पर निशाना साधा है। वायरल चैट में ट्रांसफर-पोस्टिंग को लेकर संपर्क की बात कही गई है। दावा किया जा रहा है कि संबंधित नंबर अधिकारी का है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पहले से चल रही थी जांच
जानकारी के मुताबिक, पीड़िता ने 15 अक्टूबर 2025 को पुलिस मुख्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उसकी मुलाकात वर्ष 2017 में कोरबा में हुई थी, जब अधिकारी वहां एसपी पद पर तैनात थे।
महिला के अनुसार, शुरुआत में बातचीत सामान्य थी, लेकिन बाद में अधिकारी द्वारा कथित रूप से उत्पीड़न शुरू हुआ। उसने यह भी कहा कि उसके पास डिजिटल साक्ष्य मौजूद हैं।
सरकार की कार्रवाई
26 मार्च 2026 को जारी आदेश में राज्य सरकार ने कहा कि अधिकारी के खिलाफ गंभीर आरोपों की जांच जारी है। प्रथम दृष्टया उनका आचरण अखिल भारतीय सेवा (आचरण) नियम 1968 और अनुशासन एवं अपील नियम 1969 के तहत संदिग्ध पाया गया, जिसके आधार पर उन्हें निलंबित किया गया है।
आगे क्या
फिलहाल मामले की जांच जारी है। प्रशासनिक स्तर पर साक्ष्यों की जांच की जा रही है और आने वाले दिनों में और खुलासे होने की संभावना है।