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In 'Mann Ki Baat', PM Modi said India is becoming self-reliant from the seas to the skies; expressed pride in indigenous defence capabilities.
नई दिल्ली। पीएम नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम की 135वीं कड़ी में देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत आज समुद्र से लेकर आकाश तक अधिक सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनता जा रहा है। उन्होंने हाल के महीनों में रक्षा, विमानन और स्वदेशी तकनीक के क्षेत्र में मिली उपलब्धियों को देश के लिए गर्व का विषय बताया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि हाल ही में आईएनएस दुनागिरी, आईएनएस निर्देशक और आईएनएस एग्रे को भारतीय नौसेना के बेड़े में शामिल किया गया। उन्होंने कहा कि इन युद्धपोतों का डिजाइन और निर्माण पूरी तरह स्वदेशी है, जो आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ी उपलब्धि है।
उन्होंने भारत में निर्मित C-295 विमान की पहली उड़ान और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन द्वारा विकसित स्वदेशी लॉन्ग-रेंज लैंड-अटैक क्रूज मिसाइल के सफल परीक्षण का भी उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने बताया कि ऐसे 40 सी-295 विमान भारत में ही बनाए जा रहे हैं, जिससे रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
प्रधानमंत्री ने महाराष्ट्र के नांदेड जिले के बहादुरपुरा गांव के पेठकर परिवार की विशेष सराहना की। उन्होंने बताया कि परिवार ने शादी के अवसर पर गांव के करीब 3,500 लोगों का दुर्घटना बीमा कराया, जिसमें प्रत्येक व्यक्ति को एक लाख रुपये का बीमा कवर दिया गया। उन्होंने इसे समाज के प्रति जिम्मेदारी का प्रेरणादायक उदाहरण बताया।साथ ही उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत केवल 20 रुपये वार्षिक प्रीमियम पर दो लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा उपलब्ध कराया जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में जनभागीदारी सबसे बड़ी ताकत होती है। उन्होंने पश्चिम एशिया की परिस्थितियों को देखते हुए सोने की खरीदारी कम करने, अनावश्यक विदेश यात्राएं टालने और कार-पूलिंग अपनाने की अपनी अपील पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देने के लिए लोगों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में लोग सोशल मीडिया पर अपने अनुभव भी साझा कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने आगामी गणेश उत्सव के अवसर पर लोगों से पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए प्लास्टर ऑफ पेरिस की मूर्तियों के बजाय देश की मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमाओं की स्थापना करने की अपील की। उन्होंने कहा कि इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ स्थानीय कारीगरों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
मानसून का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने देशवासियों से वर्षा जल की हर बूंद को बचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि 'कैच द रेन' अभियान को और मजबूत बनाने की जरूरत है ताकि वर्षा जल का अधिकतम संरक्षण किया जा सके और भविष्य में जल संकट से बचा जा सके।