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Preparations underway for a massive nationwide campaign against infiltrators; Amit Shah to hold a crucial meeting with DGPs of all states on July 9.
नई दिल्ली। देश को माओवाद से मुक्त करने के अभियान के बाद अब केंद्र सरकार ने अवैध घुसपैठियों के खिलाफ देशव्यापी कार्रवाई की तैयारी तेज कर दी है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 9 जुलाई को नई दिल्ली में सभी राज्यों के पुलिस महानिदेशकों (डीजीपी) की अहम बैठक बुलाई है। बैठक में खुफिया ब्यूरो (आईबी), रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ), प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) समेत सभी प्रमुख केंद्रीय एजेंसियों के प्रमुख भी शामिल होंगे।
बैठक में देशभर में अवैध घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें वापस भेजने के साथ-साथ घुसपैठ से जुड़े पूरे नेटवर्क को खत्म करने की रणनीति पर चर्चा होगी। सरकार का मानना है कि यह समस्या केवल सीमावर्ती क्षेत्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि घुसपैठ के बाद इन्हें संगठित तरीके से महानगरों और औद्योगिक शहरों में बसाया जा रहा है। ऐसे में सभी राज्यों में एक साथ अभियान चलाने की जरूरत है, ताकि एक राज्य से दूसरे राज्य में भागने की संभावना खत्म की जा सके।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले वर्ष 15 अगस्त को लालकिले से अपने संबोधन में अवैध घुसपैठ और सीमावर्ती क्षेत्रों में हो रहे जनसांख्यिकीय बदलाव को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बताया था। इसके बाद केंद्र सरकार ने उच्चाधिकार प्राप्त जनसांख्यिकी बदलाव समिति का गठन किया। सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस नावलेकर की अध्यक्षता वाली यह समिति एक वर्ष के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
बीजापुर जिले में हाल ही में एक बांग्लादेशी नागरिक के पकड़े जाने के बाद छत्तीसगढ़ में भी सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। रायपुर, राजनांदगांव, कोरबा और बस्तर समेत कई जिलों में संदिग्ध लोगों की पहचान और सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है। निर्माण कंपनियों और ठेकेदारों से भी श्रमिकों का पूरा रिकॉर्ड मांगा गया है। केंद्रीय एजेंसियों को आशंका है कि पश्चिम बंगाल में कार्रवाई के बाद कई संदिग्ध छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में मजदूर बनकर छिप सकते हैं।
सरकारी एजेंसियों के अनुसार, अवैध घुसपैठियों को सीमा पार कराने, फर्जी पहचान पत्र बनवाने और देश के विभिन्न हिस्सों में बसाने का संगठित नेटवर्क सक्रिय है। बैठक में इस पूरे तंत्र को ध्वस्त करने की रणनीति बनाई जाएगी। ईडी को अवैध गतिविधियों से अर्जित संपत्तियों की पहचान कर उन्हें जब्त करने की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है, जबकि आईबी और रॉ राज्य पुलिस व प्रशासन को आवश्यक खुफिया इनपुट उपलब्ध कराएंगे।