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PM Modi's key message during his Seychelles visit: The goal of transforming the Indian Ocean into an ocean of opportunities.
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेशेल्स दौरे के दौरान कहा कि भारत हिंद महासागर को केवल सामरिक दृष्टि से नहीं, बल्कि आर्थिक विकास और साझा समृद्धि के केंद्र के रूप में देखता है। उन्होंने कहा कि भारत ऐसे हिंद महासागर की कल्पना करता है, जहां समुद्री सुरक्षा के साथ आर्थिक प्रगति भी सुनिश्चित हो और देशों के बीच संबंध आपसी सम्मान, विश्वास और समान साझेदारी पर आधारित हों।
सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सदियों से हिंद महासागर भारत और सेशेल्स के बीच व्यापार, संस्कृति और मानवीय संबंधों का मजबूत सेतु रहा है। उन्होंने कहा कि यह समुद्र दोनों देशों के बीच दूरी नहीं, बल्कि दोस्ती और सहयोग का प्रतीक है। हमारा लक्ष्य हिंद महासागर को अवसरों का महासागर बनाना है, जहां सभी देशों का विकास साथ-साथ हो।
दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सेशेल्स के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'गार्जियन ऑफ द ब्लू होराइजन' से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के क्षेत्र में उनके वैश्विक योगदान के लिए दिया गया। प्रधानमंत्री ने यह सम्मान 140 करोड़ भारतीयों को समर्पित करते हुए कहा कि यह पूरे देश के लिए गर्व का विषय है।
भारत और सेशेल्स के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की बैठक में कुल 19 महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। इनमें यूपीआई लागू करने, रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा, अंतरिक्ष के शांतिपूर्ण उपयोग, प्रत्यर्पण संधि और एक्सिम बैंक की व्यापक ऋण सुविधा जैसे कई अहम विषय शामिल हैं। इन समझौतों से दोनों देशों के बीच आर्थिक, तकनीकी और रणनीतिक सहयोग को नई मजबूती मिलेगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हिंद महासागर की सुरक्षा, स्थिरता और समृद्धि भारत और सेशेल्स दोनों की साझा जिम्मेदारी है। दोनों देश समुद्री सुरक्षा, व्यापार, निवेश, तकनीक और सतत विकास के क्षेत्रों में मिलकर काम करेंगे, ताकि पूरे हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, स्थिरता और आर्थिक समृद्धि सुनिश्चित की जा सके।