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Investigation intensifies in the case of the rape of a minor and an illegal delivery; new revelations are emerging, ranging from the purchase of the newborn to the use of forged documents.
रायपुर। 16 वर्षीय नाबालिग से दुष्कर्म और उसकी डिलीवरी से जुड़े मामले में पुलिस की कार्रवाई लगातार आगे बढ़ रही है। बुधवार को पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर आठ हो गई है।पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में पखांजूर का वाहन मैकेनिक सुब्रत विश्वास और रायपुर के कालीबाड़ी इलाके की पूनम सागरिया शामिल हैं। सुब्रत पर नवजात को खरीदने का आरोप है, जबकि पूनम ने कथित तौर पर मोबाइल एप की मदद से नाबालिग की उम्र बढ़ाकर फर्जी आधार कार्ड तैयार किया था।
जांच में सामने आया है कि सुब्रत विश्वास की शादी को करीब आठ साल हो चुके हैं और उसकी कोई संतान नहीं है। पुलिस के मुताबिक उसने कानूनी प्रक्रिया अपनाने के बजाय कथित तौर पर गुप्त तरीके से नवजात को लेने की कोशिश की।अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे मामले में नवजात की खरीद-फरोख्त से जुड़े और कितने लोग शामिल हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि कहीं आरोपियों ने इससे पहले किसी अन्य बच्चे को भी अवैध तरीके से बेचा तो नहीं है।
पुलिस की जांच में पूनम सागरिया की भूमिका भी सामने आई है। आरोप है कि उसने नाबालिग के वास्तविक आधार कार्ड में कथित छेड़छाड़ कर जन्मतिथि बदल दी और उसकी उम्र अधिक दर्शाने वाला फर्जी आधार तैयार किया।बताया जा रहा है कि इसी दस्तावेज का इस्तेमाल अस्पताल में नाबालिग की डिलीवरी कराने के दौरान किया गया। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि फर्जी दस्तावेज तैयार करने की प्रक्रिया में और कौन-कौन लोग शामिल थे।
इस मामले में अब तक कुल आठ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें दो नर्स और नाबालिग के पिता भी शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, जिससे मामले की पूरी कड़ी जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।पुलिस आरोपियों के मोबाइल चैट और बैंक खातों की भी जांच कर रही है। इससे कथित लेनदेन, संपर्कों और नवजात को लेकर हुए सौदे से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है।
डीसीपी वेस्ट जोन रॉबिन्सन गुरिया के अनुसार पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि आरोपियों ने कहीं किसी अन्य बच्चे को भी अवैध तरीके से बेचा तो नहीं। जांच के दौरान सामने आने वाले डिजिटल और वित्तीय साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।मामला नाबालिग से जुड़े गंभीर अपराध और नवजात की कथित अवैध खरीद से जुड़ा होने के कारण पुलिस अब सभी आरोपियों की भूमिका अलग-अलग स्तर पर जांच रही है।