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Karnataka politics in a major upheaval: The path is clear for a change of power, with DK Shivakumar likely to become the new Chief Minister.
नई दिल्ली। कर्नाटक की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। मुख्यमंत्री सिद्दरमैया और उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार के बीच लंबे समय से चल रही सत्ता संतुलन की चर्चा अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है। कांग्रेस सरकार में ढाई-ढाई साल के सत्ता समझौते की बात से शुरू हुआ विवाद अब लगभग समाधान की ओर बढ़ गया है।
ढाई-ढाई साल फॉर्मूले से शुरू हुई राजनीति अब अंतिम चरण में
सूत्रों के अनुसार कांग्रेस सरकार के गठन के समय सत्ता साझेदारी को लेकर ढाई-ढाई साल के फॉर्मूले की चर्चा सामने आई थी। शुरुआती वर्षों में इस पर स्थिति स्पष्ट नहीं थी, लेकिन अब तीन साल पूरे होने के बाद नेतृत्व परिवर्तन की संभावना तेज हो गई है।बताया जा रहा है कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के साथ चर्चा के बाद अब इस दिशा में सहमति बनती दिख रही है कि कर्नाटक की सत्ता में बड़ा बदलाव संभव है।
सिद्दरमैया राज्यसभा की ओर जा सकते हैं
जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री सिद्दरमैया राज्य की राजनीति से हटकर राज्यसभा जाने की तैयारी कर सकते हैं। हालांकि यह भी कहा जा रहा है कि मंत्रिमंडल में बदलाव और राज्यसभा के नामांकन में उनकी राय को अहमियत दी जाएगी।इस संभावित बदलाव के साथ कर्नाटक की राजनीतिक तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है।
डी. के. शिवकुमार की ताजपोशी की चर्चा तेज
उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने की संभावना अब पहले से ज्यादा मजबूत मानी जा रही है। कांग्रेस के भीतर इस पर लंबे समय से चर्चा चल रही थी और अब इसे लगभग अंतिम रूप मिलता दिख रहा है।पार्टी नेतृत्व ने दोनों नेताओं से पहले अलग-अलग और फिर संयुक्त बैठक कर स्थिति को स्पष्ट करने की कोशिश की है।
कांग्रेस नेतृत्व की अहम बैठकें बनीं निर्णायक
कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व ने इस पूरे मामले में सक्रिय भूमिका निभाई है। दोनों नेताओं के साथ अलग-अलग बातचीत के बाद संयुक्त बैठक भी हुई, जिसमें सत्ता संतुलन और भविष्य की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।इसी बातचीत के बाद नेतृत्व परिवर्तन की संभावना को और बल मिला है और पार्टी के भीतर सहमति बनती दिखाई दे रही है।
कर्नाटक की राजनीति में नई दिशा की तैयारी
अगर यह बदलाव होता है तो कर्नाटक की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू हो सकता है। मुख्यमंत्री पद पर बदलाव और राज्यसभा में नई भूमिका के साथ कांग्रेस की रणनीति आने वाले समय में राज्य की राजनीति को नई दिशा दे सकती है।