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Know this crucial rule before stepping into a lift; a Supreme Court ruling has cleared up all ambiguity regarding liability for accidents.
नई दिल्ली। लिफ्ट हादसों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अहम फैसला सुनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी दुर्घटना की जिम्मेदारी केवल एक पक्ष की नहीं होगी। अदालत ने कहा कि लिफ्ट निर्माता, रखरखाव करने वाली एजेंसी और भवन स्वामी तीनों संयुक्त रूप से जवाबदेह होंगे। साथ ही कोर्ट ने लिफ्ट को सार्वजनिक परिवहन के समान सेवा मानते हुए यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जैसे ही कोई व्यक्ति लिफ्ट में प्रवेश करता है, वह अपनी सुरक्षा पूरी तरह उस प्रणाली के भरोसे छोड़ देता है। इसलिए निर्माता, मेंटेनेंस एजेंसी और भवन स्वामी की जिम्मेदारी सामान्य मामलों की तुलना में कहीं अधिक होती है। यदि किसी प्रकार का हादसा होता है तो तीनों पक्ष अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकते।
यह फैसला वर्ष 2003 में लिफ्ट दुर्घटना में पूर्व राजनयिक विपिन हांडा की मौत से जुड़े मामले में आया। जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ ने ओटिस एलिवेटर कंपनी की अपील खारिज करते हुए राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के वर्ष 2014 के आदेश को बरकरार रखा।अदालत ने मृतक की पत्नी और दो बच्चों को 3.01 करोड़ रुपये मुआवजा देने के आदेश को सही माना। साथ ही मार्च 2003 से नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज और निर्धारित समय में भुगतान नहीं होने पर 12 प्रतिशत ब्याज देने के आदेश को भी यथावत रखा।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि तेजी से हो रहे शहरी विकास के कारण अब शहर ऊंचाई की ओर बढ़ रहे हैं और लिफ्ट आधुनिक जीवन का जरूरी हिस्सा बन चुकी है। लोग एक बंद स्टील के केबिन में कुछ समय के लिए पूरी तरह मशीन पर निर्भर हो जाते हैं, जहां उनकी सुरक्षा पूरी तरह तकनीकी व्यवस्था पर टिकी होती है।अदालत ने कहा कि भीड़भाड़ वाली लिफ्ट, अचानक झटका, बीच में रुक जाना या मशीन से आने वाली असामान्य आवाज यात्रियों में भय पैदा कर सकती है। ऐसे में सुरक्षित संचालन सुनिश्चित करना संबंधित सभी पक्षों का दायित्व है।
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी हादसे के बाद पीड़ित या उसके परिवार से यह उम्मीद नहीं की जा सकती कि वह पहले यह साबित करे कि किस पक्ष की कितनी गलती थी। पीड़ित किसी भी जिम्मेदार पक्ष से पूरा मुआवजा मांग सकता है। बाद में संबंधित पक्ष आपस में अपनी जिम्मेदारी का निर्धारण कर सकते हैं।