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Latest News: Major Madrassa in South Kashmir banned, allegations of terrorist activities
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने दक्षिण कश्मीर के नईन इलाके में स्थित प्रमुख मदरसा दारुल उलूम जामिया सिराज-उल-उलूम को गैरकानूनी संस्था घोषित कर दिया है। प्रशासन ने इस फैसले के साथ ही मदरसे से जुड़ी सभी संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। यह कार्रवाई मदरसे से जुड़े कुछ अध्यापकों और छात्रों के आतंकी गतिविधियों में कथित रूप से शामिल होने के आधार पर की गई है।
आतंकी नेटवर्क से कथित संबंधों की जांच
सूत्रों के अनुसार, वर्ष 2014 के बाद कश्मीर में सक्रिय रहे करीब एक दर्जन आतंकियों का संबंध इस मदरसे से बताया गया है। सुरक्षा एजेंसियों ने लंबे समय से इस संस्थान की गतिविधियों पर नजर रखी हुई थी, जिसके बाद यह कार्रवाई सामने आई।
पुलवामा हमले से जुड़ा नाम भी आया सामने
फरवरी 2019 में हुए पुलवामा हमले में शामिल आतंकी सज्जाद बट का नाम भी इस मदरसे से जुड़ा बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, वह वर्ष 2017 के अंत तक इसी संस्थान में पढ़ रहा था। इसी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हुए थे, जिसने पूरे देश को झकझोर दिया था।
टेरर फंडिंग मामले में पहले भी गिरफ्तारी
वर्ष 2020 में इस मदरसे के तीन अध्यापकों को टेरर फंडिंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इससे पहले भी इस संस्थान पर संदिग्ध गतिविधियों को लेकर सवाल उठते रहे हैं।
जमात-ए-इस्लामी से जुड़ा रहा है मदरसा
करीब 25 वर्ष पहले शोपियां के इमाम साहिब इलाके में इस मदरसे की स्थापना जमात-ए-इस्लामी द्वारा की गई थी। उल्लेखनीय है कि जमात-ए-इस्लामी को भी वर्ष 2019 में गैरकानूनी संगठन घोषित किया जा चुका है।
500 से अधिक छात्र थे नामांकित
इस मदरसे में लगभग 500 छात्र पढ़ते थे और यह जम्मू-कश्मीर स्कूल शिक्षा बोर्ड में 12वीं तक की पढ़ाई के लिए पंजीकृत था। प्रशासन के इस कदम के बाद छात्रों के भविष्य को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
आगे की कार्रवाई जारी
प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच जारी है और संबंधित सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी।