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Chhattisgarh: Lecturer Deepak Tigga suspended for distributing Bibles to children and indiscipline in a government school in Jashpur.
जशपुर। जशपुर जिले के एक सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को बाइबल बांटने के मामले में प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय केरसई, विकासखंड फरसाबहार में पदस्थ व्याख्याता दीपक तिग्गा को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई कलेक्टर रोहित व्यास की जांच रिपोर्ट के आधार पर डीपीआई ऋतुराज रघुवंशी द्वारा की गई है।
बिना सूचना अनुपस्थित रहने के आरोप
जांच में पाया गया कि दीपक तिग्गा बिना पूर्व सूचना या अवकाश स्वीकृति के लगातार विद्यालय से अनुपस्थित रहते थे। वे समय पर स्कूल नहीं आते थे और कई बार विद्यालयीन समय में अध्यापन कार्य छोड़कर अन्यत्र चले जाते थे। इसके अलावा शिक्षक दैनंदिनी तैयार नहीं करना, निर्धारित पाठ्यक्रम समय पर पूर्ण नहीं करना और उपस्थिति पंजी में अनुपस्थित रहने के बावजूद हस्ताक्षर करना भी उनके खिलाफ दर्ज आरोपों में शामिल है।
कारण बताओ नोटिस लेने से भी किया इंकार
प्राचार्य द्वारा जारी कारण बताओ सूचना पत्रों की प्राप्ति अभिस्वीकृति देने से भी व्याख्याता ने इंकार किया, जिसे जांच में गंभीर अनुशासनहीनता माना गया।
छात्रों को बाइबल बांटने का भी मामला
जांच प्रतिवेदन में यह भी सामने आया कि दीपक तिग्गा ने विद्यालय में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को बाइबल की छोटी-छोटी पुस्तकें बांटी थीं। प्रशासन ने इसे पदीय दायित्व के निर्वहन में लापरवाही, अनुशासनहीनता और स्वेच्छाचारिता करार दिया है। यह कृत्य सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम-3 एवं 7 के विपरीत गंभीर कदाचार माना गया है।
तत्काल प्रभाव से निलंबन
कलेक्टर के प्रतिवेदन के आधार पर दीपक तिग्गा को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, जशपुर नियत किया गया है। इस दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा। प्रशासन का कहना है कि शासकीय सेवा में अनुशासन और नियमों का पालन अनिवार्य है, और किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनुचित गतिविधि पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
