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Leopard terror in Kawardha for four hours: first it entered a house, then attacked a woman in a clinic's bathroom... she required 12 stitches.
कवर्धा। शहर के पुराने बस स्टैंड इलाके में एक तेंदुए के घुस आने से करीब चार घंटे तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। तेंदुआ पहले स्नेहा क्लीनिक की पार्किंग में दिखाई दिया और इसके बाद आसपास के इलाके में घूमता रहा। इसी दौरान वह उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के पैतृक मकान के आसपास भी नजर आया। बाद में तेंदुआ क्लीनिक के बाथरूम में जा छिपा, जहां उसने एक महिला पर हमला कर दिया।
जानकारी के मुताबिक, सुबह करीब 10:51 बजे स्नेहा क्लीनिक की पार्किंग में स्टाफ को एक जंगली जानवर दिखाई दिया। शुरुआत में कर्मचारियों ने उसे कुत्ता समझा और उसके पास जाने लगे। लेकिन जैसे ही जानवर ने गुर्राते हुए कर्मचारी की ओर झपट्टा मारा, लोगों को पता चला कि सामने तेंदुआ है।इसके बाद क्लीनिक में मौजूद लोगों के बीच हड़कंप मच गया और तेंदुआ वहां से निकलकर आसपास के इलाके की ओर चला गया।
स्थानीय लोगों के अनुसार, क्लीनिक तक पहुंचने से पहले तेंदुआ उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के पैतृक मकान के आसपास भी दिखाई दिया था। क्लीनिक से उनका मकान कुछ ही दूरी पर स्थित है। तेंदुए की गतिविधियां इलाके में लगे CCTV कैमरों में भी कैद हुई हैं।
पार्किंग से निकलने के बाद तेंदुआ क्लीनिक परिसर के बाथरूम में जाकर छिप गया। इसी दौरान घुकसा निवासी यशोदा टंडन बाथरूम में पहुंचीं। वहां पहले से छिपे तेंदुए ने अचानक उन पर हमला कर दिया।हमले में महिला की पीठ और हाथ पर पंजों से गहरे जख्म आए। उनकी चीख सुनकर क्लीनिक के कर्मचारी अमित आडिले और ओमप्रकाश साहू मौके पर पहुंचे। दोनों ने महिला को तेंदुए से बचाकर बाहर निकाला। घायल महिला को उपचार के लिए ले जाया गया, जहां उन्हें 12 टांके लगाए गए।
घटना की जानकारी फैलते ही क्लीनिक के बाहर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। तेंदुआ बाथरूम में छिपा होने के कारण वन विभाग ने इलाके को खाली कराया और लोगों को सुरक्षित दूरी पर रहने के लिए कहा। क्लीनिक के भीतर से लगातार तेंदुए की दहाड़ सुनाई दे रही थी। पुलिस और वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर पूरे इलाके को घेर लिया, ताकि तेंदुआ बाहर निकलकर भीड़ के बीच न पहुंच सके।
तेंदुए को सुरक्षित पकड़ने के लिए बिलासपुर से विशेषज्ञों की टीम बुलाई गई। कई घंटे की मशक्कत के बाद टीम ने तेंदुए को ट्रैंक्विलाइज कर बेहोश किया और फिर उसे पिंजरे में सुरक्षित बंद कर लिया।डीएफओ निखिल अग्रवाल के मुताबिक, पकड़ा गया तेंदुआ नर है और उसकी उम्र करीब साढ़े पांच साल है। रेस्क्यू के बाद उसका उपचार किया गया और फिर उसे भोरमदेव अभयारण्य में छोड़ दिया गया। मौके पर एसपी जितेंद्र यादव समेत वन विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे।
शहर के रिहायशी इलाके और क्लीनिक परिसर में तेंदुए की मौजूदगी से लंबे समय तक लोगों में डर बना रहा। महिला पर हमले के बाद स्थिति और संवेदनशील हो गई थी। हालांकि विशेषज्ञ टीम द्वारा तेंदुए को सुरक्षित पकड़ लिए जाने के बाद इलाके के लोगों ने राहत की सांस ली।