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Major action in Nashik case: Ashok Kharat remanded in judicial custody, sparking political uproar
नासिक। महिलाओं के यौन शोषण और धोखाधड़ी के गंभीर आरोपों में घिरे अशोक खरात पर अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। नासिक की कोर्ट ने उसे 14 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में भेजते हुए नासिक रोड सेंट्रल जेल भेज दिया। पुलिस के मुताबिक 2 अप्रैल को एक अन्य मामले में भी उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा।
परिवार और करीबी भी जांच के घेरे में
मामले की जांच के दौरान खरात के बेटे हर्षवर्धन को एसआईटी ने हिरासत में लेकर पूछताछ की, हालांकि बाद में उसे छोड़ दिया गया। वहीं उसकी पत्नी अब भी फरार बताई जा रही है। जांच एजेंसियों ने नासिक के तीन प्रमुख डॉक्टरों से भी कई घंटों तक पूछताछ की है। आशंका है कि ये लोग वित्तीय लेन देन और कथित घटनाओं के बाद इलाज में सहयोग कर रहे थे।
राजनीतिक कनेक्शन पर उठे सवाल
इस मामले ने अब राजनीतिक रंग भी ले लिया है। शरद पवार गुट की एनसीपी ने खरात से जुड़े नेताओं की भूमिका की जांच की मांग की है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत शिंदे ने अंधविश्वास से जुड़े कानूनों को और मजबूत करने की जरूरत बताई।
वहीं राज्य सरकार में मंत्री अदिति तटकरे ने कहा कि सिर्फ तस्वीरों के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं है।
शादी कार्ड से बढ़ा विवाद
मामला तब और चर्चा में आया जब खरात की बेटी की शादी का कार्ड सामने आया। इसमें उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, मंत्री चंद्रकांत पाटिल, आशीष शेलार और नीलम गोरहे समेत कई नेताओं के नाम चीफ गेस्ट के तौर पर छपे थे। इसके अलावा आरोपी के साथ नेताओं की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं।
‘चमत्कार’ के नाम पर धोखा
जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा भी हुआ है। पुलिस ने खरात के ऑफिस से करीब 20 फीट लंबा रिमोट से चलने वाला मैकेनिकल सांप बरामद किया है। आरोप है कि वह इसका इस्तेमाल लोगों को डराने और खुद को चमत्कारी बताने के लिए करता था, जिससे लोगों को भ्रमित कर ठगी को अंजाम दिया जाता था।
जांच जारी, और खुलासों की संभावना
पूरे मामले में जांच एजेंसियां लगातार पड़ताल कर रही हैं। राजनीतिक कनेक्शन, आर्थिक लेन देन और अन्य पहलुओं को खंगाला जा रहा है। आने वाले दिनों में इस केस में और बड़े खुलासे सामने आने की संभावना जताई जा रही है।