

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

Major action in Twisha case: Former judge Giribala Singh taken into CBI custody after High Court cancels bail
भोपाल। भोपाल के बहुचर्चित त्विषा शर्मा दहेज मौत मामले में आज गुरुवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने सेवानिवृत्त जिला जज गिरिबाला सिंह को भोपाल स्थित उनके निवास से हिरासत में ले लिया। बताया जा रहा है कि CBI अधिकारियों ने करीब तीन घंटे तक उनसे पूछताछ की, लेकिन कई सवालों पर उनके जवाब जांच एजेंसी को संतोषजनक नहीं लगे। सूत्रों के अनुसार, गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह के बयानों में कई विरोधाभास सामने आए हैं। इसी के बाद CBI ने दोनों को हिरासत में लेकर आगे की पूछताछ शुरू की है। संभावना जताई जा रही है कि एजेंसी अब माँ-बेटे को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ कर सकती है।
कटारा हिल्स स्थित घर पर सुबह पहुंची CBI टीम
जानकारी के मुताबिक, गुरुवार सुबह CBI की टीम भारी पुलिस बल के साथ भोपाल के कटारा हिल्स स्थित गिरिबाला सिंह के निवास पर पहुंची थी। कार्रवाई के दौरान पूरे इलाके में बैरिकेडिंग कर आम लोगों की आवाजाही सीमित कर दी गई थी। सूत्रों का कहना है कि यह कार्रवाई मध्यप्रदेश हाईकोर्ट द्वारा गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द किए जाने के एक दिन बाद की गई। हाईकोर्ट के आदेश के बाद ही CBI ने मामले में तेजी दिखाई।
हाईकोर्ट ने रद्द की थी अग्रिम जमानत
गौरतलब है कि त्विषा शर्मा की 12 मई को भोपाल स्थित ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। उनकी शादी 9 दिसंबर 2025 को पूर्व जज गिरिबाला सिंह के वकील बेटे समर्थ सिंह से हुई थी। मामले में यह तथ्य भी सामने आया कि बहू की मौत के दो दिन बाद ही गिरिबाला सिंह ने भोपाल जिला अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर कर दी थी। 10वें अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने 15 मई को उनकी उम्र और मृतका को किए गए पैसों के ट्रांसफर का हवाला देते हुए उन्हें अग्रिम जमानत दे दी थी। हालांकि, बुधवार को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने 17 पन्नों के विस्तृत आदेश में इस जमानत को निरस्त कर दिया। न्यायमूर्ति देवनारायण मिश्रा ने कहा कि निचली अदालत ने मामले के महत्वपूर्ण तथ्यों पर पर्याप्त विचार नहीं किया था।
व्हाट्सएप चैट और चोटों के निशानों ने बढ़ाई मुश्किलें
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि व्हाट्सएप चैट और मृतका के परिजनों के बयानों से आरोप केवल पति समर्थ सिंह तक सीमित नहीं हैं। अदालत ने माना कि दहेज प्रताड़ना और क्रूरता के आरोपों की गहन जांच आवश्यक है। अदालत ने यह भी उल्लेख किया कि त्विषा के शरीर पर फांसी के निशानों के अलावा छह से सात अन्य चोटों के निशान पाए गए थे। इनमें हाथ, उंगली और सिर पर चोटें शामिल थीं। बाद में आई रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया कि ये चोटें शव उतारने या अस्पताल ले जाने के दौरान नहीं लगी थीं।