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Anti-Naxal Operation: Major blow to Naxal network, 18 cadres including Papa Rao surrender
जगदलपुर। छत्तीसगढ़ को नक्सल मुक्त बनाने की दिशा में आज बुधवार 25 मार्च एक अहम दिन साबित हुआ। बस्तर के आखिरी बड़े कैडर माने जाने वाले नक्सली पापा राव ने जगदलपुर में अपने साथियों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया। इस दौरान 7 महिला नक्सलियों समेत कुल 18 कैडर ने हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया।
हथियार और कैश के साथ सरेंडर
आत्मसमर्पण के दौरान नक्सलियों ने AK-47 सहित 12 हथियार, बड़ी संख्या में कारतूस और नकदी भी सुरक्षा बलों के सामने जमा कराई। इस मौके पर पुलिस महानिदेशक अरुण गौतम ने सभी का स्वागत करते हुए उन्हें संविधान की प्रतियां भेंट कीं।
सरेंडर से पहले जारी किया था वीडियो
आत्मसमर्पण से पहले पापा राव ने एक वीडियो संदेश भी जारी किया था। इसमें उन्होंने कहा कि पहले सभी साथी जनता के हक के लिए संघर्ष जारी रखने की बात करते थे, लेकिन बदलती परिस्थितियों के कारण कई लोगों ने सरेंडर का रास्ता चुना। उन्होंने माना कि इन फैसलों के पीछे के कारण पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं, लेकिन हालात तेजी से बदल रहे हैं।
सुरक्षा कैंप बढ़ने से कमजोर पड़ा नेटवर्क
पापा राव ने बताया कि जिन इलाकों में वे सक्रिय थे, वहां लगातार सुरक्षा बलों के कैंप खुलने से संगठन की गतिविधियां प्रभावित हो रही थीं। इसी को देखते हुए उन्होंने काफी सोच-विचार के बाद आत्मसमर्पण का निर्णय लिया।
लोकतांत्रिक रास्ते पर चलने की बात
उन्होंने स्पष्ट किया कि वे चुनावी राजनीति से दूर रहेंगे और अब लोकतांत्रिक तरीके से जनता के लिए काम करना चाहते हैं। पापा राव ने कहा कि हथियार छोड़कर समाज की मुख्यधारा में जुड़ना ही सही दिशा है।