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Major changes in the Ram Mandir Trust in the works; deliberations with Mahants intensify... new revelations in the offering theft case.
अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की कार्यप्रणाली में व्यापक बदलाव की कवायद तेज हो गई है। मंदिर के प्रशासनिक ढांचे को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए ट्रस्ट स्तर पर लगातार मंथन किया जा रहा है। इसी कड़ी में ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने पूर्व महासचिव चंपत राय से लंबी बैठक की, वहीं प्रमुख संतों और महंतों के साथ भी चर्चा कर भविष्य की व्यवस्था पर सुझाव लिए।
सूत्रों के मुताबिक, ट्रस्ट के संगठनात्मक ढांचे, मंदिर प्रबंधन और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को नए सिरे से व्यवस्थित करने पर विचार किया जा रहा है। महंतों ने ट्रस्ट में संत समाज की भागीदारी बढ़ाने और निर्णय प्रक्रिया को अधिक मजबूत बनाने के सुझाव दिए हैं। माना जा रहा है कि आने वाले समय में ट्रस्ट की कार्यप्रणाली में कई महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
एसआईटी की जांच में चढ़ावा चोरी मामले से जुड़ा एक और बड़ा खुलासा हुआ है। जांच एजेंसियों ने गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर ट्रस्ट के नाम से छपी फर्जी दान रसीदें बरामद की हैं। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे केवल दानपात्र से रकम नहीं निकालते थे, बल्कि श्रद्धालुओं से फर्जी रसीद के जरिए भी धन वसूलते थे।
जांच में सामने आया कि शुरुआती दौर में कागजी रसीदों का इस्तेमाल कर लोगों से चंदा लिया जाता था। बाद में जब मंदिर में ऑनलाइन दान और आधिकारिक बैंकिंग व्यवस्था लागू हुई, तब इस तरीके का उपयोग बंद कर दिया गया।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कुछ कर्मचारियों की गलतियों के आधार पर पूरे राम मंदिर ट्रस्ट की छवि खराब करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि चोरी की घटनाओं में सीमित संख्या में कर्मचारी और उनके सहयोगी शामिल थे, इसलिए पूरे संस्थान को कटघरे में खड़ा करना गलत होगा।
राम मंदिर प्रकरण के बीच उत्तराखंड सरकार ने भी बद्रीनाथ धाम में दान और चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच के लिए तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी भी स्तर पर गड़बड़ी सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।