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Stock Market Crash: Major stock market slump due to US-Iran tensions; Sensex plunges 1,677 points, dealing a massive blow to investors.
मुंबई। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी साफ दिखाई दिया। दोनों देशों के बीच संघर्ष विराम खत्म होने की खबर के बाद निवेशकों में घबराहट बढ़ गई, जिससे बुधवार को शेयर बाजार में जोरदार बिकवाली देखने को मिली। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में दो प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई, जो पिछले दो महीनों की सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट मानी जा रही है।
कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 1,677 अंक टूटकर 76,504 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 517 अंक फिसलकर 23,882 के स्तर पर पहुंच गया। निफ्टी के 50 में से 46 शेयर लाल निशान में बंद हुए, जिससे साफ है कि बिकवाली लगभग सभी सेक्टरों में देखने को मिली।
शेयर बाजार की कमजोरी के साथ भारतीय मुद्रा पर भी दबाव बना रहा। रुपया 52 पैसे कमजोर होकर 95.48 प्रति अमेरिकी डॉलर के स्तर पर बंद हुआ। इससे स्पष्ट है कि बढ़ते वैश्विक तनाव का असर पूंजी बाजार के साथ विदेशी मुद्रा बाजार पर भी पड़ा।
विशेषज्ञों के अनुसार अमेरिका द्वारा ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर कार्रवाई और उसके जवाब में ईरान के पलटवार के बाद पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ गया। इसी के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत एक ही दिन में छह प्रतिशत से अधिक बढ़कर करीब 79 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई। कच्चे तेल के महंगा होने की आशंका ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी और बाजार में बिकवाली तेज हो गई।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा गिरावट को स्थायी संकट के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उनका कहना है कि भारतीय अर्थव्यवस्था की बुनियादी स्थिति मजबूत बनी हुई है और हालात सामान्य होने पर बाजार फिर से संभल सकता है। आने वाले समय में भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से जुड़े घटनाक्रम और कंपनियों के तिमाही नतीजे बाजार की अगली दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।