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VIP pass system for Ayodhya Ram Mandir revised; darshan passes will no longer be issued based on recommendations from former trust office-bearers.
अयोध्या। राम मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए जारी होने वाले सुगम और वीआईपी दर्शन पास की व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। अब पूर्व ट्रस्टी चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्र और गोपाल राव की संस्तुति के आधार पर दर्शन पास जारी नहीं किए जाएंगे। इसके साथ ही इन तीनों की पास आईडी भी निष्क्रिय कर दी गई है।
बुधवार सुबह मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंददेव गिरि रामकोट स्थित तीर्थ क्षेत्र भवन पहुंचे, जहां उन्होंने पूर्व महासचिव चंपत राय से लंबी चर्चा की। हालांकि बैठक को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई, लेकिन माना जा रहा है कि इसका उद्देश्य मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्थाओं और श्रद्धालुओं की सुविधाओं की समीक्षा करना था।
सूत्रों के अनुसार बैठक में मंदिर की आंतरिक व्यवस्थाओं, वीआईपी पास जारी करने की प्रक्रिया और श्रद्धालुओं को होने वाली सुविधाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। ट्रस्ट यह सुनिश्चित करना चाहता है कि नई व्यवस्था लागू होने के बावजूद दर्शन व्यवस्था प्रभावित न हो और श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
जानकारी के मुताबिक बैठक में चंपत राय द्वारा विशेष जांच दल (एसआईटी) को भेजे गए पत्र पर भी विचार-विमर्श हुआ। इस पत्र में उन्होंने दान राशि की गणना से जुड़े नियमों में किए गए बदलाव के लिए बैंक अधिकारियों और तत्कालीन ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने यह भी कहा है कि कुछ महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं और नियमों की जानकारी उन्हें उपलब्ध नहीं कराई गई थी।
गोविंददेव गिरि और चंपत राय की मुलाकात के दौरान विश्व हिंदू परिषद के महामंत्री बजरंग बागड़ा, गोपाल राव और ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव कृष्णमोहन भी तीर्थ क्षेत्र भवन में मौजूद रहे। माना जा रहा है कि मंदिर प्रबंधन से जुड़े कई अहम विषयों पर सामूहिक स्तर पर चर्चा की गई।