

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

Major decision by the Housing Board: 50% interest waiver on clearing outstanding dues; fire safety audits to be conducted for multi-story buildings.
रायपुर। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल ने हितग्राहियों को बकाया राशि चुकाने में राहत देने के साथ मंडल की बहुमंजिला आवासीय और व्यावसायिक इमारतों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने का फैसला किया है। नवा रायपुर स्थित मंडल मुख्यालय में आयोजित मंडल की 87वीं बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक की अध्यक्षता मंडल अध्यक्ष अनुराग सिंह देव ने की। मंडल आयुक्त अवनीश कुमार शरण भी बैठक में मौजूद रहे।
मंडल ने लंबे समय से बकाया राशि वाले हितग्राहियों को राहत देने का निर्णय लिया है। बकाया राशि एकमुश्त जमा करने वाले हितग्राहियों को विलंबित अवधि के ब्याज और वाटर चार्ज के सरचार्ज में 50 प्रतिशत छूट दी जाएगी।
इस राहत योजना का लाभ लेने के लिए हितग्राहियों को 30 नवंबर 2026 तक अपनी बकाया राशि का एकमुश्त भुगतान करना होगा। मंडल का उद्देश्य लंबे समय से लंबित राशि की वसूली को बढ़ावा देना और हितग्राहियों को बकाया चुकाने का अवसर देना है।
हाउसिंग बोर्ड की किस्त समय पर जमा नहीं कर पाने वाले 2087 हितग्राहियों पर करीब 148.60 करोड़ रुपये की देनदारी है। इसमें लगभग 136 करोड़ रुपये मूल राशि और 12.60 करोड़ रुपये ब्याज शामिल है। लंबे समय से बड़ी राशि बकाया होने के कारण मंडल ने एकमुश्त भुगतान को प्रोत्साहित करने के लिए ब्याज में 50 प्रतिशत की छूट देने का फैसला किया है।
मंडल की बहुमंजिला आवासीय और व्यावसायिक इमारतों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के लिए फायर सेफ्टी ऑडिट कराया जाएगा। ऑडिट में भवनों में उपलब्ध अग्निशमन उपकरणों, आपातकालीन व्यवस्थाओं और निर्धारित सुरक्षा मानकों के पालन की जांच की जाएगी।
इसके लिए योग्य फायर सेफ्टी ऑडिटरों और फर्मों का एम्पेनलमेंट किया जाएगा। ऑडिट के दौरान सामने आने वाली कमियों का समयबद्ध तरीके से निराकरण सुनिश्चित करने के लिए भी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में प्रदेश की विभिन्न आवासीय योजनाओं में विकास एवं निर्माण कार्यों के लिए करीब 55 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई। इससे संबंधित आवासीय परियोजनाओं में आवश्यक विकास और निर्माण कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा।
बैठक में पर्यावरण-अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देने के लिए मंडल की चिन्हित और स्वामित्व वाली जमीन पर ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।
इसके लिए संबंधित एजेंसी को लाइसेंस फीस मॉडल पर भूमि उपयोग का अधिकार देने की प्रक्रिया को मंजूरी मिली है। एजेंसी चार्जिंग स्टेशन का डिजाइन, वित्त पोषण, उपकरणों की आपूर्ति, स्थापना, परीक्षण, संचालन और रखरखाव करेगी। इस पहल का उद्देश्य इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देना और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन व्यवस्था के विस्तार में सहयोग करना है।