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Major revelations regarding the NEET exam across the country: 'Solver gang' busted in Bihar; cases of selling fake question papers and cheating via mobile phones have also come to light.
पटना। नीट यूजी परीक्षा में धांधली को लेकर बिहार से बड़ा खुलासा हुआ है। लखीसराय में पुलिस ने मेडिकल कॉलेज के छात्रों को 'साल्वर' बनाकर परीक्षा दिलाने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में अब तक 12 मेडिकल छात्रों और एक परीक्षार्थी सहित कुल 30 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पूरे मामले की जांच बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई को सौंप दी गई है और तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं।
जांच एजेंसियों के अनुसार इस रैकेट का मुख्य आरोपी भगवान महावीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, नालंदा का एमबीबीएस छात्र रविशंकर उर्फ सम्राट है, जो फिलहाल फरार है। पुलिस का आरोप है कि उसी ने पूरे नेटवर्क का संचालन किया और फर्जी परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने की योजना बनाई।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि परीक्षा केंद्रों पर बायोमेट्रिक सत्यापन का कार्य संभालने वाले नेटवर्क के साथ कथित मिलीभगत कर फर्जी अभ्यर्थियों को प्रवेश दिलाया गया। आरोप है कि एक वास्तविक बायोमेट्रिक कर्मचारी की जगह दूसरे व्यक्ति को ड्यूटी पर तैनात किया गया, जिससे पहचान सत्यापन की प्रक्रिया प्रभावित हुई।
पुलिस के अनुसार इस गिरोह में बिहार, मध्य प्रदेश, ओडिशा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, राजस्थान और झारखंड के मेडिकल छात्र शामिल थे। गिरफ्तार आरोपियों में कई सरकारी मेडिकल कॉलेजों, एम्स और अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों के छात्र तथा इंटर्न भी शामिल बताए जा रहे हैं।
इधर, एक अन्य मामले में परीक्षा से पहले ChatGPT की मदद से तैयार प्रश्नों को 'री-नीट यूजी पेपर' बताकर ऑनलाइन बेचने का मामला भी सामने आया है। पुलिस ने इंदौर से एक छात्र अक्षय मालवीय को गिरफ्तार किया है।जांच में पता चला कि आरोपी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दावा किया था कि उसके पास नीट का प्रश्नपत्र उपलब्ध है। शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई की गई। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने 100 से 200 रुपये लेकर कथित पेपर कई लोगों को बेचा था। अब पुलिस उन लोगों से भी पूछताछ करेगी जिन्होंने ऑनलाइन भुगतान किया था।
राजस्थान की राजधानी जयपुर में एक महिला अभ्यर्थी परीक्षा केंद्र में मोबाइल फोन छिपाकर पहुंच गई। मेटल डिटेक्टर का अलार्म बजने पर उसने सुरक्षा कर्मियों को अंडरगारमेंट्स के हुक का बहाना बनाकर गुमराह किया। परीक्षा समाप्त होने से कुछ मिनट पहले वह मोबाइल से प्रश्नपत्र की तस्वीर लेने का प्रयास करते हुए पकड़ी गई। हालांकि जैमर सक्रिय होने के कारण वह तस्वीर बाहर नहीं भेज सकी। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर मोबाइल फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है।
हैदराबाद में भी नीट परीक्षा के दौरान नकल का एक अनोखा मामला सामने आया। एक अभ्यर्थी ने परीक्षा शुरू होने से पहले शौचालय के फ्लश टैंक में मोबाइल फोन छिपा दिया था। बाद में परीक्षा के दौरान वह टॉयलेट गया और मोबाइल का उपयोग करते हुए पकड़ा गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
देश के अलग-अलग राज्यों से सामने आए इन मामलों ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच एजेंसियां अब इन सभी मामलों की कड़ियों को जोड़कर यह पता लगाने में जुटी हैं कि कहीं इनके पीछे कोई बड़ा संगठित नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है।