

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

Major setback in coal scam, High Court approves attachment of properties of Ranu Sahu and family
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कोयला घोटाले मामले में अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए निलंबित आईएएस अधिकारी रानू साहू और उनके परिजनों को बड़ा झटका दिया है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने संपत्ति कुर्की के खिलाफ दायर सभी 9 अपीलों को खारिज कर दिया है।
अदालत का स्पष्ट संदेश, अवैध कमाई का रास्ता कहीं भी बंद नहीं
मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने अपने फैसले में साफ कहा कि यदि अपराध से अर्जित संपत्ति सीधे रूप में उपलब्ध नहीं है, तो जांच एजेंसी उसके बराबर मूल्य की अन्य संपत्तियों को भी कुर्क कर सकती है।
ईडी की कार्रवाई को मिली कानूनी मजबूती
इस फैसले के साथ ही प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई को कानूनी मजबूती मिल गई है। कोयला लेवी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े इस मामले में ईडी पहले ही रानू साहू, उनके भाई, बहन और अन्य रिश्तेदारों की संपत्तियों को अटैच कर चुका है।
परिजनों की दलीलें भी नहीं आईं काम
अदालत में रानू साहू के परिवार की ओर से यह तर्क रखा गया था कि जिन संपत्तियों को कुर्क किया गया है, उनमें से कई 2020 में कथित घोटाले की शुरुआत से पहले खरीदी गई थीं। लेकिन कोर्ट ने इन दलीलों को स्वीकार नहीं किया और सभी अपीलों को निरस्त कर दिया।
कोयला लेवी घोटाले में बढ़ेगा शिकंजा, आगे और कार्रवाई के संकेत
इस फैसले के बाद यह साफ हो गया है कि कोयला घोटाले में जांच एजेंसियों की पकड़ और मजबूत होने वाली है। आने वाले समय में इस मामले में और सख्त कार्रवाई देखने को मिल सकती है, जिससे जुड़े अन्य लोगों पर भी दबाव बढ़ेगा।