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Mass tree plantation drive in Bhilai under Swachhata Pakhwada
भिलाई। स्वच्छता पखवाड़ा-2026 के अंतर्गत शुक्रवार को भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) में वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार राष्ट्रीय सांख्यिकीय कार्यालय (NSO), उप क्षेत्रीय कार्यालय, दुर्ग और भिलाई इस्पात संयंत्र (SAIL) के उद्यानिकी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में सेक्टर-9, स्ट्रीट-22 स्थित खुले मैदान में आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न प्रजातियों के करीब 50 पौधे लगाए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना, हरित आवरण में वृद्धि करना और स्वच्छता के प्रति जनजागरूकता फैलाना रहा।

कार्यक्रम का नेतृत्व राष्ट्रीय सांख्यिकीय कार्यालय, उप क्षेत्रीय कार्यालय, दुर्ग के सहायक निदेशक अभिषेक शुक्ला ने किया। उन्होंने सिंदूर का पौधा रोपकर अभियान की शुरुआत की। कार्यक्रम में भिलाई इस्पात संयंत्र के उद्यानिकी विभाग के महाप्रबंधक डॉ. नवीन जैन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इसके अलावा उप महाप्रबंधक विक्रांत सरन, राजेश कुमार शर्मा और शंकर अग्रवाल सहित विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे। सभी अतिथियों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

BSP का लक्ष्य: इस मानसून में 2.10 लाख पौधे
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महाप्रबंधक (उद्यानिकी) डॉ. नवीन जैन ने बताया कि भारत सरकार के वृक्षारोपण अभियान के तहत भिलाई इस्पात संयंत्र के उद्यानिकी विभाग ने इस वर्ष मानसून सत्र में 2 लाख 10 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने कहा कि अभियान के तहत उन क्षेत्रों में विशेष रूप से पौधारोपण किया जाएगा जहां हरियाली कम हो गई है। विभाग को विश्वास है कि मानसून समाप्त होने से पहले निर्धारित लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा।
1 से 15 जुलाई तक मनाया जा रहा है स्वच्छता पखवाड़ा
सहायक निदेशक अभिषेक शुक्ला ने बताया कि 1 जुलाई से 15 जुलाई तक स्वच्छता पखवाड़ा-2026 मनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत अभियान को जन-जन तक पहुंचाना और लोगों में स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण कार्यक्रम प्रधानमंत्री के उस संकल्प को आगे बढ़ाने का प्रयास है, जिसमें वृक्षारोपण को जन आंदोलन बनाने की बात कही गई है, ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, सुरक्षित और हरित वातावरण मिल सके।


उन्होंने कहा कि बढ़ते प्रदूषण, लगातार बढ़ते तापमान और घटती हरियाली को देखते हुए वृक्षारोपण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गया है। इसलिए प्रत्येक नागरिक को अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल की जिम्मेदारी भी निभानी चाहिए।
पौधों की देखभाल का भी लिया संकल्प
कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों ने केवल पौधारोपण ही नहीं किया, बल्कि रोपे गए पौधों के संरक्षण और नियमित देखभाल का भी संकल्प लिया। अभियान के अगले चरण में सभी पौधों में पानी दिया गया और जैविक खाद डालकर उनके बेहतर संवर्धन की व्यवस्था की गई, ताकि वे भविष्य में हरित आवरण बढ़ाने और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।
जनभागीदारी से ही सफल होंगे ऐसे अभियान
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने कहा कि स्वच्छता और वृक्षारोपण केवल सरकारी अभियान नहीं हैं, बल्कि जनभागीदारी से ही इन्हें सफल बनाया जा सकता है। उन्होंने नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने, उनकी सुरक्षा करने और पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। अधिकारियों ने विश्वास जताया कि ऐसे निरंतर प्रयास विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को हासिल करने में भी महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
कार्यक्रम का समापन सामूहिक स्वल्पाहार के साथ हुआ। आयोजकों ने इसे पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक जिम्मेदारी और जनसहभागिता का एक प्रेरणादायक उदाहरण बताया।