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Massive recruitment opportunities for youth in Chhattisgarh's cooperative banks and urban bodies; government makes a major move for the youth.
छत्तीसगढ़ के युवाओं को रोजगार देने के लिए सरकार ने एक साथ कई मोर्चों पर काम करना शुरू कर दिया है। सहकारी बैंक और प्राथमिक कृषि साख समितियों से लेकर नगरीय निकायों तक रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। इसी बीच केन्द्र सरकार के कर्मचारी चयन आयोग की जूनियर इंजीनियर भर्ती ने भी तकनीकी शिक्षा प्राप्त युवाओं के लिए अवसर उपलब्ध कराए हैं। कर्मचारी चयन आयोग ने जूनियर इंजीनियर परीक्षा 2026 के तहत कुल 1748 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की है। इसमें सिविल, इलेक्ट्रिकल और मैकेनिक इंजीनियरिंग से जुड़े पद शामिल हैं। प्रतियोगी परिक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए राज्य और केन्द्र की भर्तियां एक साथ आने से उनके लिए रोजगार के कई विकल्प उपलब्ध होंगे।
छत्तीसगढ़ में रोजगार का सबसे बड़ा अवसर सहकारिता विभाग की ओर से सामने आया है, जहां कुल 1360 पदों पर भर्ती का रास्ता साफ हुआ है। इनमें जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों के विभिन्न संवर्गों के 198 पद और प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों में 1162 समिति प्रबंधक के पद शामिल हैं। समिति प्रबंधक के पदों में सीधी भर्ती और समिति चयन प्रक्रिया के जरिए नियुक्तियां किए जाने की व्यवस्था है। इसके बाद शहरी क्षेत्रों में रोजगार का दूसरा बड़ा अवसर नगरीय प्रशासन विभाग की ओर से सामने आया है। प्रदेश के 14 नगर निगमों में कुल 1127 पद रिक्त बताए गए हैं। सरकार ने इन रिक्तियों को भरने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए पहले चरण में 85 पदों पर सीधी भर्ती को मंजूरी दी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार पहले चरण में रायपुर नगर निगम में 22 पद शामिल हैं। बिलासपुर और कोरबा में 13-13 पदों पर भर्ती का प्रस्ताव है। इसके अलावा अन्य नगर निगमों में भी रिक्त पदो को चरणबद्ध तरीके से भरने की तैयारी है।
आपको बता दें, कि सरकार के इस कदम का राजनीतिक महत्व भी कम नहीं है। प्रदेश में बड़ी संख्या में युवा सरकारी नौकरी की तैयारी करते हैं और लंबे समय से विभिन्न विभागों में रिक्त पदों को भरने की मांग उठती रही है। ऐसे में भर्ती प्रक्रिया को गति देना सरकार के लिए रोजगार के मोर्चे पर उपलब्धि के तौर पर पेश करने का अवसर भी है। युवा वर्ग किसी भी सरकार के लिए सबसे बड़ा प्रभावशाली मतदाता वर्ग है। रोजगार का मुद्दा सीधे तौर पर युवाओं की आकांक्षाओं से जुड़ा है। ऐसे में खाली पदों को भरने की प्रक्रिया तेज करना सरकार के लिए युवाओं तक सकारात्मक संदेश पहुंचाने का माध्यम बन सकता है। विपक्ष बेरोजगारी और भर्ती प्रक्रिया में देरी को मुद्दा बनाता रहा है, जबकि सरकार के सामने चुनौती है, कि घोषित अवसरों को एक तय समय सीमा के अंदर नियुक्तियों में बदले।