

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

Minister OP Choudhary's statement on the Nakti controversy: The Housing Board has nothing to do with the action; Congress is spreading misinformation.
रायपुर। राजधानी रायपुर के नकटी ग्राम में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर जारी विवाद के बीच प्रदेश के आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने बड़ा बयान देते हुए अपने विभाग और छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड की भूमिका से साफ इनकार किया है। उन्होंने कहा कि जिस भूमि पर कार्रवाई की गई है, वह अभी तक हाउसिंग बोर्ड को हस्तांतरित नहीं हुई है, इसलिए विभाग या बोर्ड का इस कार्रवाई से कोई संबंध नहीं है।
मंत्री चौधरी ने स्पष्ट किया कि नकटी ग्राम में अतिक्रमण हटाने की पूरी कार्रवाई राजस्व विभाग के स्तर पर की गई है। उन्होंने बताया कि विधायकों के लिए आवास निर्माण का प्रस्ताव वर्ष 2021-22 में तय हुआ था, जिसकी जानकारी उन्हें विधानसभा की एक समिति के माध्यम से मिली थी। उन्होंने कहा कि संबंधित भूमि से जुड़ा मामला विधानसभा में भी विचाराधीन रहा है और पूरी प्रक्रिया राजस्व विभाग के नियमों के अनुरूप संचालित की गई।
ओपी चौधरी ने कहा कि किसी भी भूमि पर हाउसिंग बोर्ड तभी कार्रवाई कर सकता है, जब वह विधिवत रूप से बोर्ड को हस्तांतरित कर दी जाए। वर्तमान मामले में ऐसा नहीं हुआ है, इसलिए इस कार्रवाई को आवास एवं पर्यावरण विभाग या हाउसिंग बोर्ड से जोड़ना तथ्यात्मक रूप से गलत और भ्रामक है।
मंत्री चौधरी ने कांग्रेस पर इस संवेदनशील मामले का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से जनता के बीच भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहा है। उनके अनुसार, इस मुद्दे पर तथ्यों के बजाय राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप किए जा रहे हैं।
कांग्रेस द्वारा साझा किए गए विधानसभा के एक पुराने वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री चौधरी ने कहा कि उस वीडियो में दिया गया उनका बयान विधायकों के आवास निर्माण संबंधी विषय पर था, जिसका नकटी ग्राम में हुई अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई से कोई सीधा संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि उनके बयान को संदर्भ से हटाकर पेश किया जा रहा है।
मंत्री ओपी चौधरी ने विपक्ष से अपील करते हुए कहा कि जनता के सामने वास्तविक स्थिति रखी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि मनगढ़ंत आरोप लगाकर राजनीतिक लाभ लेने के बजाय तथ्यों के आधार पर चर्चा होनी चाहिए, ताकि लोगों के बीच किसी प्रकार का भ्रम न फैले।