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Monsoon covers all of India; 38% excess rainfall in July... 'Red alert' for Uttarakhand, four days of rain forecast for Chhattisgarh.
नई दिल्ली। दक्षिण-पश्चिम मानसून ने गुरुवार को हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के शेष क्षेत्रों में भी दस्तक देकर पूरे देश को कवर कर लिया। सामान्य तौर पर मानसून आठ जुलाई तक पूरे भारत में पहुंच जाता है, लेकिन इस बार यह प्रक्रिया नौ जुलाई को पूरी हुई। हालांकि देशभर में मानसून फैलने में सिर्फ एक दिन की देरी हुई, जबकि इसे पूरा देश कवर करने में केवल 36 दिन लगे। सामान्य रूप से यह अवधि 38 दिनों की मानी जाती है। लगातार पांचवें वर्ष मानसून ने 38 दिनों से कम समय में पूरे देश को कवर किया है।
जून महीने में कमजोर मानसून के कारण देश में वर्षा सामान्य से करीब 40 प्रतिशत कम रही थी। लेकिन जुलाई की शुरुआत में मानसून ने तेजी पकड़ी और पहले नौ दिनों में 101.9 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि इस अवधि का सामान्य आंकड़ा 73.8 मिलीमीटर है। यानी अब तक सामान्य से लगभग 38 प्रतिशत अधिक वर्षा हो चुकी है। इसके चलते एक जून से नौ जुलाई तक वर्षा की कमी घटकर लगभग 15 प्रतिशत रह गई है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो से तीन दिनों के दौरान मानसून की सक्रियता कुछ कम हो सकती है। इसके बावजूद जुलाई में सामान्य से बेहतर बारिश की संभावना बनी हुई है, जिससे खरीफ फसलों की बुवाई को गति मिलने की उम्मीद है। पिछले सप्ताह मानसून की सक्रियता ऐसे समय बढ़ी है, जब देशभर में खरीफ सीजन की बुवाई अपने चरम पर है।
इस वर्ष मानसून ने चार जून को केरल में प्रवेश किया और नौ जुलाई को पूरे देश को कवर किया। इससे पहले वर्ष 2025 में 35 दिन, 2024 में 34 दिन, 2023 में 25 दिन और 2022 में 35 दिन में मानसून पूरे देश में फैल गया था।
मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार वर्ष 2013 में मानसून ने सबसे तेज गति दिखाते हुए केवल 16 दिनों में पूरे देश को कवर कर लिया था। वहीं वर्ष 2002 में मानसून को पूरे देश तक पहुंचने में 68 दिन लगे थे, जो अब तक का सबसे लंबा समय माना जाता है।
लगातार हो रही बारिश के कारण उत्तर भारत के कई राज्यों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। उत्तराखंड में बीते 24 घंटे के दौरान सामान्य से 234 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है। राज्य में तीन दिनों का रेड अलर्ट जारी किया गया है, तीन जिलों में स्कूल बंद हैं और चारधाम यात्रा भी गंभीर रूप से प्रभावित हुई है।
दिल्ली में इस मानसून सीजन की सबसे तेज बारिश दर्ज की गई। उत्तर प्रदेश में बारिश से जुड़े हादसों में पांच लोगों की मौत हुई है। नोएडा और गाजियाबाद में जलभराव तथा सड़क धंसने की घटनाओं से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में भूस्खलन और बाढ़ के कारण तीन मकान क्षतिग्रस्त हो गए।
मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़ के विभिन्न हिस्सों में अगले चार दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान जताया है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक और वज्रपात की भी संभावना है। गुरुवार को दक्षिण छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में अच्छी वर्षा दर्ज की गई। गंगालूर में 30 मिलीमीटर, जबकि दंतेवाड़ा, करपावंड और पेंडा रोड में 20-20 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। रायपुर में अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस रहा और दो मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार सक्रिय मानसूनी द्रोणिका के प्रभाव से प्रदेश में बारिश की गतिविधियां फिलहाल जारी रहने की संभावना है।