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Monsoon weakens in Chhattisgarh, heat rises; rainfall to remain sluggish over the next four days.
रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून की गतिविधियां कमजोर पड़ने से राजधानी रायपुर समेत कई शहरों में तापमान बढ़ गया है। गर्मी और उमस से लोग परेशान रहे। हालांकि प्रदेश के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने से लोगों को राहत भी मिली। मौसम विभाग के अनुसार अगले चार दिनों तक प्रदेश में बारिश की गतिविधियां कमजोर रहने की संभावना है। इसके बाद एक बार फिर बारिश की रफ्तार बढ़ सकती है।
मौसम विभाग के मुताबिक अगले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के एक-दो स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। हालांकि अगले चार दिनों तक बारिश की तीव्रता में कमी बनी रह सकती है। इसके बाद प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में दोबारा बढ़ोतरी के संकेत हैं।
मौसम विभाग के अनुसार छत्तीसगढ़ में अब तक हुई मौसमी बारिश सामान्य के आसपास रही है। प्रदेश में सामान्य से करीब 5 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।
राजधानी रायपुर में 15 सितंबर को अधिकतम तापमान 33.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार 16 सितंबर को आकाश आंशिक रूप से मेघमय रह सकता है।
रायपुर में आज अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस, जबकि न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। बादल छाए रहने के बावजूद फिलहाल तेज बारिश की संभावना कम है।
मंगलवार को प्रदेश के रायपुर, दुर्ग और बस्तर संभाग के कुछ हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। जगदलपुर में सबसे ज्यादा 6 सेंटीमीटर बारिश हुई। इसके अलावा घुमका में 4 सेमी, कुटरू में 2 सेमी, जबकि दाढ़ी, बकावंड और धमधा में 1-1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मंगलवार को प्रदेश में तापमान में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। 35 डिग्री सेल्सियस के साथ राजनांदगांव सबसे गर्म रहा। वहीं 21 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान पेंड्रा रोड में दर्ज किया गया।
मानसून की गतिविधियां कमजोर होने के साथ ही कई इलाकों में दिन के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।
मौसम विभाग के अनुसार मानसून द्रोणिका दक्षिण-पूर्वी पाकिस्तान और आसपास के क्षेत्रों में बने निम्न दबाव वाले क्षेत्र के केंद्र से होकर उदयपुर, रायसेन, पेंड्रा रोड, रांची और दीघा तक बनी हुई है। इसके बाद यह दक्षिण-पूर्व दिशा में उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी तक जा रही है।
वहीं बंगाल की खाड़ी में एक चक्रवाती परिसंचरण भी बना हुआ है। मौसम तंत्र में बदलाव के चलते अगले कुछ दिनों में बारिश की गतिविधियों में फिर से बढ़ोतरी की संभावना जताई गई है।