

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार
.jpg&w=3840&q=75)
NEET-PG 2025: Historic cut-off for third round of counselling; even those with very low scores get a chance
NEET PG cutoff reduced: NEET-PG 2025 को लेकर एक बड़ा और चौंकाने वाला फैसला सामने आया है। केंद्र सरकार और नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने तीसरे राउंड की काउंसलिंग के लिए कट-ऑफ में भारी कटौती कर दी है। इस फैसले के बाद अब ऐसे उम्मीदवार भी पोस्ट ग्रेजुएशन (PG) मेडिकल सीटों के लिए पात्र हो गए हैं, जिनके अंक बेहद कम हैं।
NBEMS की ओर से जारी नए नोटिस के मुताबिक, तीसरे राउंड की काउंसलिंग में अधिक से अधिक सीटें भरने के उद्देश्य से कट-ऑफ को ऐतिहासिक रूप से नीचे लाया गया है। जनरल और EWS वर्ग के लिए कट-ऑफ अब 7वां परसेंटाइल तय किया गया है, जो लगभग 103 अंकों के बराबर है। PwBD (जनरल) वर्ग के उम्मीदवारों के लिए कट-ऑफ 5वां परसेंटाइल यानी करीब 90 अंक कर दिया गया है।
वहीं SC, ST और OBC वर्ग के उम्मीदवारों के लिए कट-ऑफ को शून्य परसेंटाइल तक घटा दिया गया है। इसका मतलब यह है कि माइनस 40 अंक तक लाने वाले अभ्यर्थी भी अब NEET-PG 2025 की तीसरे राउंड की काउंसलिंग में हिस्सा ले सकेंगे। यह फैसला अब तक के सबसे बड़े कट-ऑफ संशोधनों में से एक माना जा रहा है।
NBEMS ने यह भी साफ किया है कि कट-ऑफ में किया गया यह बदलाव केवल काउंसलिंग में भाग लेने की पात्रता के लिए है। NEET-PG 2025 की मेरिट रैंक या रैंकिंग सिस्टम में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया गया है। उम्मीदवारों की रैंक पहले की तरह ही मान्य रहेगी।
सूत्रों के अनुसार, देशभर के मेडिकल कॉलेजों में PG की बड़ी संख्या में सीटें खाली रहने की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। सरकार और NBEMS का मानना है कि इससे तीसरे राउंड में अधिकतम सीटें भरी जा सकेंगी।
हालांकि कट-ऑफ में इतनी बड़ी कटौती के बाद मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर सवाल भी उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बेहद कम अंकों पर PG में प्रवेश मिलने से शैक्षणिक मानकों पर असर पड़ सकता है, जबकि सरकार का तर्क है कि सीटों का खाली रहना भी देश के लिए नुकसानदेह है।