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New UGC rules challenged in Supreme Court, hearing on petitions begins
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियमों के खिलाफ दाखिल की गई याचिकाओं पर आज सुनवाई शुरू हो गई। इस मामले की सुनवाई देश की सर्वोच्च अदालत में मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ कर रही है।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वकील ने दलील दी कि संविधान सभी नागरिकों को समान संरक्षण का अधिकार देता है, लेकिन UGC के नए नियम इस मूल भावना के विपरीत हैं। वकील ने कहा कि नए नियमों में केवल OBC, SC और ST वर्गों का ही विशेष रूप से उल्लेख किया गया है, जिससे अन्य वर्गों के लोगों में भ्रम और समाज में भेदभाव की स्थिति पैदा हो सकती है।
याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि यह नियम समानता के अधिकार (अनुच्छेद 14) का उल्लंघन करता है और इससे उच्च शिक्षा संस्थानों में असमानता को बढ़ावा मिल सकता है। उन्होंने अदालत से आग्रह किया कि इन नियमों की संवैधानिक वैधता की गहराई से समीक्षा की जाए।
इस पर मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने स्पष्ट किया कि फिलहाल अदालत का ध्यान केवल इस बिंदु पर है कि UGC के नए नियम संविधान के अनुच्छेद 14 यानी समानता के अधिकार के अनुरूप हैं या नहीं। CJI ने कहा कि अदालत इस चरण में किसी नीति के पक्ष या विपक्ष में नहीं जा रही है, बल्कि केवल संवैधानिक कसौटी पर नियमों की जांच कर रही है।
अदालत ने मामले को गंभीर मानते हुए आगे की सुनवाई के लिए समय निर्धारित किया है। इस केस पर नज़र इसलिए भी बनी हुई है क्योंकि इसका सीधा असर उच्च शिक्षा व्यवस्था और आरक्षण से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर पड़ सकता है।