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The Supreme Court has put a stay on the new UGC rules, saying that ambiguity could lead to misuse
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) द्वारा जारी किए गए नए नियमों के अमल पर फिलहाल रोक लगा दी है। अदालत ने कहा कि इन नियमों में कई अहम बिंदु स्पष्ट रूप से परिभाषित नहीं किए गए हैं, जिससे इनके गलत इस्तेमाल की आशंका बनी रहती है।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या की पीठ इस मामले की सुनवाई कर रही थी। सुनवाई के दौरान पीठ ने साफ शब्दों में कहा कि नियमों की भाषा में स्पष्टता का अभाव है और यही कारण है कि इनसे भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है। अदालत ने इसे गंभीर मुद्दा बताते हुए केंद्र सरकार से इन गाइडलाइंस को दोबारा तैयार करने को कहा।
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वह UGC के नियमों का नया मसौदा तैयार करे, ताकि वे अधिक पारदर्शी, स्पष्ट और सहज बन सकें। पीठ ने यह भी कहा कि नियम ऐसे होने चाहिए, जिनका सभी विश्वविद्यालय और शैक्षणिक संस्थान बिना किसी भ्रम के पालन कर सकें।
अदालत ने स्पष्ट किया कि इस मामले में अगली सुनवाई 19 मार्च को होगी। तब तक के लिए UGC के नए नियम लागू नहीं होंगे और फिलहाल वर्ष 2012 में बनाए गए पुराने नियम ही प्रभावी रहेंगे।
इस फैसले को उच्च शिक्षा से जुड़े लाखों छात्रों, शिक्षकों और विश्वविद्यालयों के लिए अहम माना जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट की इस टिप्पणी के बाद अब केंद्र सरकार पर नए नियमों को लेकर दोबारा विचार करने और उन्हें ज्यादा व्यावहारिक बनाने का दबाव बढ़ गया है।