

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

New revelation in the Ketan murder case: ₹1 crore given to lover; passport also went missing before the Bali trip.
नई दिल्ली। पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में पुलिस ने कई नए दावे किए हैं। पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी सिया गोयल ने शादी की खरीदारी के नाम पर केतन से करीब ₹1 करोड़ लिए थे। जांच एजेंसियों का दावा है कि इन पैसों का इस्तेमाल शॉपिंग के लिए नहीं किया गया, बल्कि पूरी राशि कथित तौर पर उसके प्रेमी चेतन चौधरी को दे दी गई।
6 जून को केतन और सिया को प्री-वेडिंग ट्रिप के लिए एयरपोर्ट छोड़ने वाले कैब ड्राइवर वैभव जाधव ने पुलिस को बताया कि सफर के दौरान सिया का अपने भाई साहिल से किसी बात को लेकर विवाद हो रहा था और वह बाली जाने की इच्छुक नहीं लग रही थी।
ड्राइवर के मुताबिक, रास्ते में गाड़ी एक जगह रुकी, जहां चार अन्य लोग भी सवार हुए। बाद में सभी एक फूड कोर्ट पर रुके। इसी दौरान सिया गाड़ी के पास आई, कुछ सामान निकालकर अपने बूट में छिपाया और फिर वापस चली गई।
वैभव जाधव ने बताया कि सभी यात्रियों को एयरपोर्ट छोड़ने के बाद उसे फोन आया कि केतन का पासपोर्ट कैब में रह गया है। वह तुरंत एयरपोर्ट लौटा, लेकिन पूरी गाड़ी की तलाशी लेने के बावजूद पासपोर्ट नहीं मिला। पुलिस इस घटनाक्रम को भी जांच का अहम हिस्सा मान रही है।
सिया गोयल के वकील विपुल दुशिंग ने कहा कि मामला अभी शुरुआती चरण में है और इस समय किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। उन्होंने कहा कि अदालत के समक्ष बचाव पक्ष अपना पक्ष रखेगा और पुलिस हिरासत की अवधि बढ़ाने का विरोध करेगा।
सिया के भाई साहिल ने आरोप लगाया कि आशुतोष श्रीवास्तव नामक वकील उनके परिवार पर दबाव बना रहे हैं और मामले को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि आशुतोष उनके परिवार की ओर से केस नहीं लड़ रहे हैं।
वहीं, आशुतोष श्रीवास्तव ने खुद को सिया का वकील बताते हुए कहा कि पुलिस हिरासत में दिए गए बयान अदालत में साक्ष्य नहीं माने जाते। उनका कहना है कि अदालत में यह भी सवाल उठाया जाएगा कि पहले इस मामले को हादसा क्यों माना गया और बाद में हत्या का मामला कैसे दर्ज किया गया।
पुलिस के मुताबिक, वारदात से एक दिन पहले सिया और चेतन पुणे के कोंढवा इलाके के एक कैफे में मिले थे, जहां कथित तौर पर हत्या की योजना बनाई गई। जांच में यह भी दावा किया गया है कि दोनों पहले लोहगढ़ किले पहुंचे थे, जहां वारदात की जगह चुनने के साथ रिहर्सल भी की गई थी।
पुलिस के अनुसार, चेतन चौधरी अपनी पहचान छिपाने के लिए कार की बजाय स्कूटर से करीब 90 किलोमीटर दूर लोहगढ़ किले तक पहुंचा, ताकि टोल प्लाजा पर कोई रिकॉर्ड न बने। उसने किले पर चढ़ते समय हूडी पहनी थी, जिसे ऊपर पहुंचकर उतार दिया और वारदात के बाद लौटते समय फिर पहन लिया।
जांच एजेंसी का दावा है कि 18 जून को लोहगढ़ किले पर सिया ने पानी पीने या जूते का फीता बांधने के बहाने बैठकर चेतन को इशारा किया। इसके बाद पीछे चल रहे चेतन ने केतन को खाई में धक्का दे दिया। पुलिस का कहना है कि सिया जानबूझकर बैठ गई थी ताकि गिरते समय केतन उसे पकड़ न सके।
18 जून को हुई घटना के छह दिन के भीतर पुलिस ने सिया गोयल और चेतन चौधरी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान दोनों एक-दूसरे को साजिश का मास्टरमाइंड बता रहे हैं। पुलिस दोनों को आमने-सामने बैठाकर भी पूछताछ कर चुकी है।
पुलिस जांच के अनुसार, 31 मई को सिया के मन में केतन की हत्या की योजना बनी। 5 जून को उसने लोहगढ़ किला जाने की जिद की, लेकिन केतन नहीं गया। इसके बाद कथित तौर पर बाली यात्रा रोकने के लिए केतन का पासपोर्ट छिपा दिया गया।
14 जून को पुलिस के मुताबिक सिया ने पहली बार लोहगढ़ किले पर केतन को धक्का देने की कोशिश की, लेकिन वह पेड़ का सहारा मिलने से बच गया। सिया ने उस समय सांप से बचाने का बहाना बनाया।
आखिरकार 18 जून को प्री-वेडिंग फोटोशूट के बहाने केतन को दोबारा लोहगढ़ किले ले जाया गया, जहां पुलिस के अनुसार सिया और चेतन ने मिलकर उसे खाई में धक्का दे दिया।