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New school education rankings released: Chandigarh leads the way, while several major states including Chhattisgarh remain in the lagging category.
नई दिल्ली। देश में स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर शिक्षा मंत्रालय ने 2025-26 की परफार्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (पीजीआई) 2.0 रिपोर्ट जारी कर दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, चंडीगढ़ ने एक बार फिर देश में सर्वोच्च स्थान हासिल किया है। हालांकि, कोई भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश अभी तक सर्वोच्च 'उत्कर्ष' श्रेणी तक नहीं पहुंच पाया है।
रिपोर्ट में चंडीगढ़ को 1000 में 761 से 820 अंक के बीच प्रदर्शन के आधार पर 'उत्तम-3' ग्रेड दिया गया है। फिलहाल यही देश की सबसे ऊंची उपलब्धि रही, क्योंकि इससे ऊपर की 'उत्कर्ष', 'उत्तम-1' और 'उत्तम-2' श्रेणियां इस बार भी खाली रहीं।
रिपोर्ट के अनुसार छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल जैसे बड़े राज्य अभी भी 'आकांक्षी-1' श्रेणी में हैं। यह संकेत देता है कि इन राज्यों में स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए अभी और व्यापक प्रयासों की जरूरत है।
पीजीआई 2.0 के तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का मूल्यांकन सरकारी स्कूलों के प्रदर्शन के आधार पर किया गया। रिपोर्ट में शिक्षा व्यवस्था के छह प्रमुख क्षेत्रों और कई मानकों पर राज्यों की स्थिति का आकलन किया गया, ताकि कमियों की पहचान कर उनमें सुधार के लिए प्रभावी कदम उठाए जा सकें।
इस वर्ष जारी रिपोर्ट में शीर्ष की तीन श्रेणियों में कोई भी राज्य जगह नहीं बना सका। चंडीगढ़ के अलावा सभी राज्य 'प्रचेष्ठा-1', 'प्रचेष्ठा-2', 'प्रचेष्ठा-3' और 'आकांक्षी-1' जैसी श्रेणियों में शामिल रहे। इससे स्पष्ट है कि देश की स्कूली शिक्षा व्यवस्था को गुणवत्ता के उच्च स्तर तक पहुंचाने के लिए अभी लंबा सफर तय करना बाकी है।
रिपोर्ट की एक सकारात्मक बात यह रही कि इस बार कोई भी राज्य 'आकांक्षी-2' और 'आकांक्षी-3' श्रेणियों में नहीं रहा। पिछले मूल्यांकन में बिहार, मिजोरम और जम्मू-कश्मीर जैसी इकाइयां इन श्रेणियों में थीं, जिससे संकेत मिलता है कि कुछ राज्यों ने अपने प्रदर्शन में सुधार दर्ज किया है।