

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

No relief to Adani on JAPL acquisition, NCLAT gives big decision
नई दिल्ली। जएपीएल अधिग्रहण मामले में राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (NCLAT) ने अदाणी समूह को बड़ी राहत देने से इनकार कर दिया है। अदालत ने 14,535 करोड़ रुपये की अदाणी समूह की बोली पर अंतरिम रोक लगाने से साफ मना कर दिया। यह मामला जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड (JAL) के अधिग्रहण से जुड़ा है, जहां प्रतिस्पर्धी बोली को लेकर विवाद चल रहा है।
एक हफ्ते में मांगा गया जवाब
न्यायमूर्ति अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली दो सदस्यीय पीठ ने जएपीएल के ऋणदाताओं की समिति (CoC) से एक सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है। साथ ही, मामले की अगली सुनवाई 10 अप्रैल को तय की गई है। ट्रिब्यूनल ने स्पष्ट किया कि फिलहाल समाधान प्रक्रिया जारी रहेगी।
वेदांता की ऊंची बोली पर बहस
सुनवाई के दौरान वेदांता समूह ने तर्क दिया कि उसकी बोली 16,726 करोड़ रुपये की है, जो अदाणी समूह की 14,535 करोड़ रुपये की बोली से ज्यादा है। उनका कहना है कि दिवाला एवं ऋणशोधन अक्षमता संहिता (IBC) का मुख्य उद्देश्य अधिकतम वसूली सुनिश्चित करना है, लेकिन बैंकों ने कम बोली को चुनकर नियमों की अनदेखी की।
आगे क्या होगा?
अब इस जएपीएल अधिग्रहण विवाद में अंतिम फैसला NCLAT के अगले आदेश पर निर्भर करेगा। फिलहाल, अदालत के इस फैसले से साफ है कि अदाणी समूह की बोली पर कोई तत्काल रोक नहीं लगेगी, और प्रक्रिया पहले की तरह जारी रहेगी।