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Only one month's supply of rice will be available at Chhattisgarh's ration shops for now; e-PoS machines have been down for five days.
सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत चालू माह में एक साथ दो महीने का चावल वितरित किया जाना है, लेकिन उचित मूल्य की दुकानों में अब तक दो महीने के हिसाब से चावल का भंडारण नहीं हो पाया है। इसे देखते हुए छत्तीसगढ़ पीडीएस संचालक संघ ने फिलहाल एक माह का चावल वितरण का निर्णय लिया है। छत्तीसगढ़ पीडीएस संघ के अध्यक्ष नरेश बाफना ने कहा, कि भंडारण समय पर नहीं किया जाता है। इसके कारण कुछ दिनों में ही दुकानें खाली हो जाती हैं। दोबारा मांग करने कई दिन लगा दिए जाते हैं। इसके लिए हितग्राहियों द्वारा दुकानदारों को जिम्मेदार माना जाता है। इसके कारण कई बार विवाद की स्थिति भी बनती है, इसलिए अभी दो माह का चावल वितरण नहीं करने का निर्णय लिया गया है।
इधर एक ओर जहां उचित मूल्य की दुकानों में दो महीने के अनुसार चावल का भंडारण नहीं हो पाया है, वहीं दूसरी ओर ई-पॉस मशीनें भी एक तारीख से बंद हैं, जिसके कारण खाद्यान्न का वितरण भी शुरू नहीं हो पाया है। खासकर हर महीने के शुरुआती दिनों में ई-पॉस मशीनों के बंद होने की समस्या देखी जा रही है। जिसके चलते उचित मूल्य की दुकानों में खाद्यान्न भंडारण की समस्या लगातार बनी रहती है। उचित मूल्य की दुकानों में हर माह की एक तारीख से खाद्यान्न वितरण के लिए दिशा-निर्देश जारी हैं, लेकिन आवंटन के अनुसार ऑनलाइन सॉफ्टवेयर में डाटा अपलोड करने में ही 4 से 5 दिन लग रहे हैं। इसके कारण ई-पॉस मशीनें भी इतने दिनों तक बंद रहती हैं, जिससे दुकानों में हितग्राहियों को खाद्यान्न वितरण भी शुरू नहीं हो पाता।
आपको बता दें, कि ई-पॉस मशीनों के बंद होने और छुट्टियों के अलावा कई बार भंडारण समय पर नहीं होने के कारण भी वितरण प्रभावित रहता है। इस तरह कई दुकानों में हर माह लगभग 10 से 12 दिन ही खाद्यान्न का वितरण हो पाता है। यही कारण है, कि पीडीएस संचालक संघ भी दो माह का एक साथ चावल वितरण का विरोध कर रहा है।
इस मामले में अपर कलेक्टर कीर्तिमान सिंह राठौर ने कहा है, कि दो माह का चावल एक साथ वितरित करने का आदेश दिया गया है। इस आदेश के तहत दो माह का चावल भंडारित कराने के लिए नागरिक आपूर्ति निगम को निर्देशित किया गया है।