

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

Chhattisgarh: Opium dealers were hiding in these 3 districts of Chhattisgarh, satellite images exposed illegal cultivation.
रायपुर। छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों के कलेक्टरों ने राज्य शासन को अवैध अफीम खेती की जांच रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट के अनुसार सिर्फ बलरामपुर-रामानुजगंज, दुर्ग और रायगढ़ में कुल छह मामलों में अवैध अफीम की खेती की पुष्टि हुई है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पहले ही सभी कलेक्टरों को पत्र जारी कर अपने-अपने जिलों में व्यापक सर्वे कराने और 15 दिनों के भीतर प्रमाण-पत्र सहित विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए थे।
रायगढ़ में सरकारी भूमि पर भी अवैध खेती
जांच में पाया गया कि रायगढ़ जिले की केलो परियोजना की सरकारी भूमि सहित निजी जमीनों पर भी अवैध अफीम उगाई गई। केलो परियोजना की भूमि खसरा नंबर 462/2 के कुल 0.250 हेक्टेयर क्षेत्र में से 0.051 हेक्टेयर में अफीम की फसल पाई गई। अन्य जिलों में अफीम या संदिग्ध खेती नहीं पाई गई।
विपक्ष ने उठाए सवाल
प्रदेश कांग्रेस के संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने सरकार पर लीपापोती का आरोप लगाया। उनका कहना है कि जिला कलेक्टरों से क्लीन चिट लेना दर्शाता है कि मादक पदार्थों की खेती पर केवल दिखावटी कार्रवाई हो रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि कई स्थानों पर अवैध अफीम की खेती आम शिकायतों के बाद ही उजागर हुई, जबकि पुलिस और राजस्व विभाग निष्क्रिय रहे।
सरकार का कड़ा रुख
राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में कहीं भी अफीम की खेती बर्दाश्त नहीं की जाएगी और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।