

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

PHQ seeks explanation from Rajnandgaon SP over AK-47 firing; controversy escalates following viral video
राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में दशहरा के अवसर पर शस्त्र पूजा के दौरान AK-47 से फायरिंग करने का मामला पुलिस मुख्यालय (PHQ) तक पहुंच गया है। पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने और इस पर प्रतिक्रियाएं सामने आने के बाद मुख्यालय ने उनसे स्पष्टीकरण मांगा है। राजनांदगांव रेंज के आईजी अजय यादव ने कहा है कि जवाब मिलने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।इस मामले में भारतीय सेना के पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल केजेएस ढिल्लों ने भी वीडियो पर सवाल उठाए थे। उन्होंने हथियार संभालने और फायरिंग के दौरान सुरक्षा प्रक्रियाओं के पालन को लेकर आपत्ति जताई थी।
दशहरे पर राजनांदगांव पुलिस लाइन में शस्त्र पूजा के दौरान एसपी अंकिता शर्मा के फायरिंग करने का वीडियो सामने आया था। वीडियो में वह साड़ी पहने AK-47 से गोलियां चलाती दिखाई दे रही हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने इस दौरान 8 से 9 राउंड फायर किए थे।वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर हथियार के इस्तेमाल, सुरक्षा इंतजामों और इस तरह की फायरिंग की जरूरत को लेकर चर्चा शुरू हो गई। मामला सामने आने के बाद पुलिस मुख्यालय ने एसपी से स्पष्टीकरण मांगा है।
भारतीय सेना के पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल केजेएस ढिल्लों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वीडियो को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने हथियार संभालने के तरीके और फायरिंग के दौरान सुरक्षा नियमों के पालन पर सवाल उठाए।ढिल्लों के मुताबिक, कारतूस से भरे हथियार का इस्तेमाल करते समय निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन करना और आसपास मौजूद लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है। उन्होंने इस मामले में अनुशासनात्मक कार्रवाई की आवश्यकता भी जताई थी।
दशहरे के दिन शस्त्र पूजा के बाद हथियारों से फायरिंग करने के अन्य वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आए। रिपोर्ट के अनुसार, रायपुर पुलिस कमिश्नर संजीव शुक्ला, दुर्ग एसपी विजय अग्रवाल, बलौदाबाजार एसपी गौरव राय और सुकमा एसपी मयंक गुर्जर समेत विभिन्न जिलों के पुलिस अधिकारियों के फायरिंग करने के वीडियो भी सामने आए।इन घटनाओं के बाद शस्त्र पूजा के दौरान हथियारों से फायरिंग करने की परंपरा और सुरक्षा संबंधी नियमों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
छत्तीसगढ़ के पूर्व पुलिस महानिदेशक डीएम अवस्थी ने कहा कि दशहरे पर शस्त्र पूजा के दौरान पुलिस अधिकारियों की ओर से फायरिंग करने की परंपरा पहले नहीं थी। उनके मुताबिक, मध्यप्रदेश के समय से ही हथियारों के इस्तेमाल और फायरिंग अभ्यास के लिए निर्धारित प्रक्रिया रही है।अवस्थी ने बताया कि पुलिसकर्मी फायरिंग रेंज में अभ्यास करते हैं या कानून-व्यवस्था की स्थिति में जरूरत पड़ने पर हथियारों का इस्तेमाल करते हैं। पुलिस लाइन में शस्त्र पूजा के दौरान फायरिंग करना पहले प्रचलित नहीं था। उन्होंने यह भी कहा कि यदि पुलिस मुख्यालय ने इस संबंध में कोई नया निर्देश जारी किया है, तो इसकी जानकारी उन्हें नहीं है।
फिलहाल मामला पुलिस मुख्यालय के स्तर पर पहुंच चुका है। राजनांदगांव रेंज के आईजी अजय यादव के मुताबिक, एसपी अंकिता शर्मा से जवाब मिलने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। अब जांच और स्पष्टीकरण के आधार पर ही इस मामले में अगला कदम तय होगा।