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PM SVANidhi Mahotsav at Durg Municipal Corporation
दुर्ग। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर पूरे देश में विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की उपलब्धियों को लेकर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में दुर्ग जिले में प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) योजना के छह वर्ष पूरे होने पर 1 जून से 30 जून 2026 तक स्वनिधि महोत्सव एवं लोककल्याण मेला आयोजित किया जा रहा है। बुधवार को दुर्ग नगर निगम परिसर में आयोजित स्वनिधि महोत्सव में बड़ी संख्या में रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों, छोटे व्यापारियों और योजना के हितग्राहियों ने भाग लिया।

कार्यक्रम में महापौर अलका बाघमार, निगम आयुक्त सुमित अग्रवाल, सभापति श्याम शर्मा, एमआईसी सदस्य, पार्षद और निगम के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर योजना के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाले कई स्ट्रीट वेंडर्स को सम्मानित किया गया। विशेष रूप से महिला उद्यमियों को मंच पर सम्मान देकर उनके संघर्ष और सफलता की सराहना की गई।

बिना गारंटी ऋण से बढ़ रहा कारोबार
पीएम स्वनिधि योजना के तहत रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों को बिना किसी गारंटी के आसान ऋण उपलब्ध कराया जाता है। योजना के प्रथम चरण में 15 हजार रुपये, दूसरे चरण में 25 हजार रुपये और तीसरे चरण में 50 हजार रुपये तक का ऋण दिया जाता है। समय पर ऋण चुकाने वाले हितग्राहियों को 7 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी का लाभ मिलता है। इसके अलावा डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए कैशबैक की सुविधा भी प्रदान की जाती है।
नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि योजना का उद्देश्य केवल ऋण उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि छोटे व्यवसायियों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना, डिजिटल लेनदेन से जोड़ना और उन्हें सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ दिलाना भी है।

वार्ड-वार्ड तक पहुंचेगा अभियान
कार्यक्रम के दौरान योजना से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि ऐसे पात्र स्ट्रीट वेंडर्स जो अब तक योजना का लाभ नहीं ले पाए हैं, उन्हें जोड़ने के लिए विशेष शिविर लगाए जाएंगे। आवश्यकता पड़ने पर विभिन्न वार्डों में भी शिविर आयोजित किए जाएंगे ताकि अंतिम व्यक्ति तक योजना का लाभ पहुंचाया जा सके।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की सोच के अनुरूप समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए नगर निगम लगातार प्रयासरत है। साथ ही लाभार्थियों को कौशल विकास प्रशिक्षण और डिजिटल भुगतान की जानकारी देकर उनके व्यवसाय को और सशक्त बनाने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।

बंसीलाल सोलंकी: 10 हजार से शुरू हुई यात्रा, अब 50 हजार के ऋण से बढ़ा कारोबार
स्वनिधि योजना के लाभार्थी बंसीलाल सोलंकी ने बताया कि उन्होंने सबसे पहले 10 हजार रुपये का ऋण लिया था, जिसे समय पर चुका दिया। इसके बाद 20 हजार रुपये का ऋण लिया और उसका भी सफलतापूर्वक भुगतान किया। वर्तमान में वे 50 हजार रुपये के ऋण का उपयोग अपने कपड़ा व्यवसाय के विस्तार में कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि कोविड काल के दौरान आर्थिक संकट का सामना करना पड़ा था, लेकिन स्वनिधि योजना से मिले ऋण ने उन्हें दोबारा खड़ा होने का अवसर दिया। अब उनका व्यवसाय पहले की तुलना में बेहतर स्थिति में है और भविष्य में वे बड़ा ऋण लेकर कारोबार को और विस्तारित करना चाहते हैं।

लीला साहू ने सिलाई व्यवसाय को दी नई उड़ान
शिवनगर बांधा तालाब की रहने वाली लीला साहू ने बताया कि कोरोना महामारी के दौरान उनका सिलाई कार्य लगभग बंद हो गया था। वर्ष 2021 में उन्हें पीएम स्वनिधि योजना की जानकारी मिली और उन्होंने आवेदन किया।
योजना के तहत मिले 10 हजार रुपये से उन्होंने दोबारा सिलाई कार्य शुरू किया। बाद में 20 हजार रुपये की सहायता से नई सिलाई मशीन खरीदी और कारोबार को आगे बढ़ाया। तीसरी किश्त के रूप में मिले 50 हजार रुपये से उन्होंने अपने व्यवसाय का विस्तार किया।
लीला साहू ने बताया कि आज वे घर से ही सिलाई का काम कर रही हैं और अपनी बेटियों को भी यह हुनर सिखा रही हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना ने उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है और उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया है।
सुमित्रा गुप्ता की सफलता की कहानी बनी प्रेरणा
वार्ड क्रमांक 35 की निवासी सुमित्रा गुप्ता ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान मजदूरी का काम बंद हो गया था। परिवार चलाने की चिंता के बीच उन्होंने बड़ी, बिजौरी, पापड़ और अचार बनाने का कार्य शुरू किया, लेकिन पूंजी की कमी बड़ी बाधा थी।
उन्हें पीएम स्वनिधि योजना के तहत 10 हजार रुपये का ऋण मिला, जिससे उन्होंने घर-घर और दुकानों तक अपने उत्पाद पहुंचाने शुरू किए। कारोबार बढ़ने पर 20 हजार रुपये का ऋण लिया और उत्पादन बढ़ाया। आज वे 50 हजार रुपये के ऋण से अपना व्यवसाय और विस्तारित कर रही हैं।
सुमित्रा ने बताया कि अब उन्होंने किराए की दुकान भी शुरू कर दी है और उन्हें सी-मार्ट से हजारों रुपये के उत्पादों का ऑर्डर प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि योजना से उनकी आय में वृद्धि हुई है और पूरा परिवार आर्थिक रूप से सशक्त हुआ है।
आर्थिक सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम बनी योजना
स्वनिधि महोत्सव के दौरान सामने आईं इन कहानियों ने साबित किया कि पीएम स्वनिधि योजना केवल ऋण वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह छोटे कारोबारियों के लिए आत्मनिर्भरता का मजबूत माध्यम बन चुकी है। कोरोना महामारी के बाद आर्थिक संकट से जूझ रहे हजारों रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों और छोटे उद्यमियों को इस योजना ने नया जीवन और नई दिशा दी है।
दुर्ग नगर निगम द्वारा आयोजित स्वनिधि महोत्सव में लाभार्थियों के अनुभवों ने यह स्पष्ट किया कि सही समय पर मिली आर्थिक सहायता, प्रशिक्षण और सरकारी सहयोग से छोटे व्यवसायी भी अपने सपनों को साकार कर सकते हैं और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।