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Parliament Monsoon Session: After paper leaks, Opposition now focuses on Ram Mandir donations and E-20.
नई दिल्ली। संसद के मौजूदा मानसून सत्र में विपक्ष कई अहम मुद्दों को लेकर सरकार से जवाब मांगने की रणनीति बना रहा है। पेपर लीक मामले के बाद अब राम मंदिर चंदा विवाद और E-20 (20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) को विपक्ष प्रमुखता से उठाने की तैयारी में है। विपक्षी सूत्रों के मुताबिक, इन दोनों मुद्दों पर समाजवादी पार्टी (सपा) संसद के भीतर आक्रामक रुख अपनाएगी, जबकि कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के अन्य सहयोगी दल उसका समर्थन करेंगे।
सूत्रों के अनुसार, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इन मुद्दों को लेकर कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के अन्य नेताओं के साथ चर्चा की है। वहीं, आम आदमी पार्टी (AAP) के भी इस मुद्दे पर विपक्ष के साथ खड़े होने की संभावना जताई जा रही है। विपक्ष संसद में इन विषयों पर चर्चा की मांग करते हुए सरकार से जवाब मांग सकता है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश की राजनीति और 2027 विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए राम मंदिर चंदा विवाद को प्रमुखता से उठा रही है। विपक्ष का प्रयास इन मुद्दों को राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बनाकर भाजपा को जवाबदेह ठहराने का है।
दूसरी ओर, भाजपा लगातार यह कहती रही है कि विपक्ष विकास और राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर चर्चा से बचकर केवल राजनीतिक विवाद खड़े करने का प्रयास करता है। यदि विपक्ष संयुक्त रणनीति के साथ आगे बढ़ता है, तो संसद में इन मुद्दों पर तीखी बहस देखने को मिल सकती है।
सूत्रों के मुताबिक, विपक्ष की शुरुआती रणनीति पहले राम मंदिर चंदा विवाद उठाने की थी, लेकिन बाद में पेपर लीक को प्राथमिकता दी गई। अब पेपर लीक के बाद विपक्ष राम मंदिर चंदा विवाद और E-20 नीति को अगला बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनाने की तैयारी कर रहा है।
विपक्ष की योजना इन दोनों विषयों को केवल संसद तक सीमित रखने की नहीं है, बल्कि जनसभाओं और राजनीतिक अभियानों के जरिए जनता के बीच भी ले जाने की है।
विपक्ष का कहना है कि इन मामलों पर सरकार को संसद में स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। हालांकि, जिन आरोपों का विपक्ष हवाला दे रहा है, उन पर संबंधित जांच एजेंसियों की ओर से अभी अंतिम निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया गया है। ऐसे में विपक्ष सरकार से पूरे घटनाक्रम पर जवाब और आवश्यकता पड़ने पर निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की मांग उठा सकता है।